रेप के आरोपी डीआईजी सुनील पारस्कर पर अब पीड़िता को पैसा देकर समझौते की कोशिश करने का आरोप लगा है. पारस्कर की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने अदालत से इस संबंध में शिकायत की है.
मुख्य लोक अभियोजक कल्पना चव्हाण ने कहा, पारस्कर के वकील रिजवान मर्चेंट ने पीड़िता के पूर्व वकील रिजवान सिद्दीकी से मुलाकात की और (समझौते के लिए) धन देने का प्रस्ताव दिया. हालांकि मर्चेंट और सिद्दीकी ने पीटीआई से कहा कि उन्होंने इस तरह के किसी समझौते के बारे में बात नहीं की.
वकील कल्पना ने कहा कि पारसकर गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और उन्होंने 18 से 23 जून के बीच सिद्दीकी को कई बार फोन किया. उन्होंने कॉल डेटा रिकॉर्ड के हवाले से कहा कि पारस्कर ने सिद्दीकी को 13 कॉल और 106 संदेश भेजे जबकि मर्चेंट ने 11 कॉल और तीन संदेश भेजे. अभियोजन का दावा है कि पिछले साल 7 दिसंबर को हुआ कथित बलात्कार सुनियोजित अपराध है.