नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े हाई-प्रोफाइल यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्म परिवर्तन रैकेट मामले में फरार आरोपी निदा खान की तलाश तेज कर दी गई है. नासिक पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान शुरू किया है. यह कार्रवाई तब तेज हुई जब पुलिस हिरासत में लिए गए उसके पति ने पूछताछ के दौरान उसके संभावित ठिकाने की जानकारी दी.
पुलिस के मुताबिक, मामले के सामने आने के बाद से ही निदा खान फरार है. शुरुआती जानकारी में उसे कंपनी का एचआर हेड बताया गया था, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि वह कंपनी में टेली-कॉलर के रूप में कार्यरत थी. इस खुलासे ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है.
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पति से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस की टीमों ने उस स्थान पर छापा मारा जहां आरोपी अपने रिश्तेदारों के साथ छिपी होने की आशंका थी. हालांकि जब पुलिस मौके पर पहुंची तो परिसर बंद मिला. जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि आरोपी और उसके रिश्तेदारों के मोबाइल फोन बंद हैं, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो गया है.
तलाश के लिए तीन विशेष टीमें गठित
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपी को पकड़ने के लिए तीन विशेष टीमें बनाई गई हैं. ये टीमें अलग-अलग स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं और संभावित सुराग जुटाने में लगी हैं. जांच कई स्थानों पर एक साथ जारी है ताकि आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सके.
इसी बीच आरोपी के वकील ने दावा किया कि निदा खान गर्भवती है और मुंबई में मौजूद है. उन्होंने बताया कि आरोपी ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया है और यह याचिका नासिक की अदालत में सुनवाई के लिए आ सकती है.
मामले में निदा खान पर आरोप है कि उसने महिला पीड़ितों की शिकायतों को नजरअंदाज किया. रिपोर्ट्स के अनुसार उसने एक महिला को धर्म परिवर्तन और उत्पीड़न से जुड़े मामले में शिकायत दर्ज कराने से निराश किया और कथित तौर पर कहा कि “ऐसी बातें होती रहती हैं”, जिससे वह आरोपी पक्ष के साथ खड़ी नजर आई.
अब तक सात आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में अब तक सात अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें आसिफ अंसारी, दानिश, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसीफ अत्तर शामिल हैं. इसके अलावा POSH (प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट) कमेटी के ऑपरेशंस मैनेजर अश्विन चैनानी को भी गिरफ्तार किया गया है.
पूरे मामले में छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न, मानसिक उत्पीड़न और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. यह घटनाएं कथित तौर पर नासिक स्थित TCS के एक बीपीओ यूनिट से जुड़ी बताई गई हैं. अब तक इस प्रकरण में कुल नौ मामले दर्ज किए जा चुके हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक पुलिस आयुक्त के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसे निष्पक्ष और व्यापक जांच की जिम्मेदारी दी गई है.
अदालत में पेशी और जांच जारी
इसी बीच गिरफ्तार दो आरोपियों को उनकी पुलिस हिरासत समाप्त होने पर अदालत में पेश किया जाना है. SIT उनसे आगे की पूछताछ के लिए हिरासत बढ़ाने की मांग कर सकती है. अदालत का फैसला जांच की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा.
दूसरी ओर Tata Consultancy Services ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कंपनी को अपने आंतरिक एथिक्स या POSH तंत्र के माध्यम से इस मामले में किसी प्रकार की औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है.
कंपनी ने बताया कि उसने मामले की आंतरिक समीक्षा के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञ टीमों को शामिल किया है और एक ओवरसाइट कमेटी भी बनाई है जो जांच निष्कर्षों की समीक्षा करेगी और उचित प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी.
सार्वजनिक चिंता के बीच जांच जारी
इस मामले ने गंभीर आरोपों के कारण सार्वजनिक चिंता बढ़ा दी है, खासकर जब इसमें धार्मिक प्रथाओं से जुड़े दबाव के आरोप भी शामिल हैं.
पुलिस और जांच एजेंसियों ने दोहराया है कि मामले की गहन जांच जारी है और इसमें शामिल सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा. फिलहाल फरार आरोपी की तलाश और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, दोनों मोर्चों पर जांच तेज़ी से जारी है.