महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के एक गांव में बड़ा अजीब मामला सामने आया है. सिर्फ 1600 की आबादी वाले इस गांव में जन्म और मृत्यु से जुड़े 15,570 रिकॉर्ड दर्ज पाए गए हैं. इसको लेकर बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने जांच की मांग की है.
1666 की आबादी और 15570 रजिस्ट्रेशन
नांदेड़ के कंधार तहसील में स्थित सवलेश्वर गांव की 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी 1,666 है. इसके बावजूद 2025 में सेंट्रल सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पोर्टल पर 'Add Old Event' कैटेगरी के तहत 15,570 जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए. गांव की ग्राम सेविका भावना कवाले ने गुरुवार को यह जानकारी दी.
भावना कवाले ने कहा, 'मैंने सिर्फ एक जन्म का पंजीकरण किया है, वह भी तहसीलदार के आदेश पर. बाकी सभी एंट्री संदिग्ध लगती हैं. इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा रही है और जांच चल रही है.'
किसी बड़े गिरोह की भूमिका का शक
किरीट सोमैया ने नांदेड़ दौरे के दौरान मीडिया से बात करते हुए इसे 'नया घोटाला' बताया. उन्होंने आशंका जताई कि संबंधित वेबसाइट को हैक किया गया हो सकता है. सोमैया ने कहा, 'इस तरह की धोखाधड़ी उत्तर प्रदेश के छह और महाराष्ट्र के चार स्थानों पर सामने आ चुकी है. छह महीनों के भीतर 6,000 से लेकर 25,000 तक प्रमाणपत्र जारी किए गए, जबकि वहां की आबादी इतनी नहीं है. इसमें उत्तर प्रदेश और बिहार के किसी बड़े गिरोह की भूमिका हो सकती है. पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए.'
जांच की मांग
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने नांदेड़ के जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और कंधार के खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सवलेश्वर समेत ऐसे सभी मामलों की विस्तृत जांच की मांग की है.
अधिकारियों के अनुसार, यवतमाल जिले के सेंदूर, सानी और भवानी गांवों के साथ-साथ जलगांव जिले के रातले गांव से भी इसी तरह के संदिग्ध मामले सामने आए हैं. इससे किसी बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका गहराती जा रही है.