महाराष्ट्र की सियासत में वित्त मंत्रालय को लेकर नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं. एनसीपी इस मामले को लेकर आपत्ति दर्ज कराएगी या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा. वित्त मंत्रालय एक महत्वपूर्ण विभाग है जिसे पाने के लिए लंबे वक्त तक प्रयास हुए. अजित पवार ने इस मंत्रालय के लिए काफी संघर्ष किया था और उनकी भूमिका अहम रही है. भाजपा ने अजित पवार को वित्त मंत्रालय दिया क्योंकि वे पहले भी वित्त मंत्री रह चुके हैं. सरकार बनने के बाद प्रत्येक पार्टी को बड़े विभाग दिए गए जिसमें भाजपा ने गृह और राजस्व विभाग, शिवसेना ने नगर विकास और गृह निर्माण विभाग अपने पास रखा. एनसीपी को वित्त मंत्रालय नहीं मिला और सुनीत्रा पवार को विधानसभा दल का नेता चुना गया है. बजट सत्र मार्च में शुरू होगा लेकिन फैसले अभी स्पष्ट नहीं हैं कि एनसीपी को भविष्य में वित्त मंत्रालय मिलेगा या नहीं. इस राजनीतिक घटनाक्रम में आगे क्या होगा, यह वक्त ही बताएगा.