नागपुर जीले के नरखेड तहसील के मालापुर में एक गंभीर मामला सामने आया है. जिसमें 15 वर्ष की किशोरी का विवाह 35 वर्षीय व्यक्ति के साथ एक धार्मिक कार्यक्रम में कर दिया गया. 15 वर्षीय किशोरी कक्षा 8 की छात्रा है. किशोरी 23 मार्च तक स्कूल गई, लेकिन 24 मार्च से उसका स्कूल जाना बंद हो गया. वहीं 26 तारीख को उसका विवाह करा दिया गया.
इसकी जानकारी जैसे ही बाल संरक्षण विभाग को मिली, बाल संरक्षण विभाग ने एक टीम गठित की और जांच शुरू की. इस बात की जानकारी जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुस्ताक पठान ने दी. पठान ने बताया कि 23 तारीख को बच्ची की मां स्कूल जाती है और बच्ची को स्कूल से लेकर आती है व 26 तारीख को यह शादी की जाती है.
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जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुस्ताक पठान ने बताया कि बाल संरक्षण विभाग की टीम ने बड़ी सतर्कता से इस पूरे मामले का अध्ययन किया एवं नागपुर जिले के नरखेड पुलिस थाने में संबंधित आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई. टीम ने 15 वर्षीय किशोरी का स्टेटमेंट भी रिकॉर्ड किया है और स्टेटमेंट के आधार पर लैंगिक अपराधों के संरक्षण (पॉस्को) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की.
बच्ची का जन्म 2010 में हुआ था. ऐसे में उसकी उम्र सिर्फ 15 साल की ही है. वहीं जिससे उसकी शादी हुई है, वह 35 साल का है. जांच समिति की तरफ से इस शादी को कराने वाली महिला के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस उसकी भी भूमिका की जांच कर रही है. कहीं ऐसा तो नहीं है कि उसने बच्ची को बेचकर शादी करवाई.
जांच अधिकारी मुस्ताक पठान ने बताया कि ऐसे आयोजनों में शामिल होकर बाल विवाह को बढ़ावा देने वाले आयोजकों,उपस्थित लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा. साथ ही ऐसे लोगों के खिलाफ भी जो कार्रवाई की जाएगी, वह होगी. जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि 15 वर्षीय लड़की का स्टेटमेंट रिकॉर्ड करने के बाद उसकी मेडिकल जांच कराई गई है. इसके अलावा उसकी आगे की देखभाल के लिए बाल गृह में रखा गया है.