मुंबई के विक्रोली इलाके में शनिवार की देर रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई. जहां बीएमसी के पम्प हाउस के गेट को फांदकर अंदर घुसने की कोशिश कर रहे एक युवक का हाथ लोहे की नुकीली रॉड में फंस गया. यह हादसा इतना भयावह था कि रॉड युवक के हाथ को चीरती हुई आर-पार हो गई.
चीख सुनकर दौड़े लोग, मंजर देख उड़े होश
घटना देर रात करीब 2:30 से 3:00 बजे की है. एक चश्मदीद, जो उस समय दवाई लेने जा रहा था. उसने पम्प हाउस के अंदर से दर्दनाक चीखें सुनीं. जिसके बाद उसने अन्य लोगों को सूचना दी तो मौके पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए. इस दौरान लोगों ने देखा कि करीब 30 वर्षीय आतिश शेवाले नाम का शख्स गेट पर लटका हुआ था और एक मोटी लोहे की रॉड उसके हाथ के बीचों-बीच धंसी हुई थी. युवक दर्द से तड़प रहा था और उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी.
ग्राइंडर मशीन से काटा गया गेट
स्थानीय लोगों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और मौके पर ग्राइंडर मशीन का इंतजाम किया. करीब 25 से 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद गेट के उस हिस्से को काटा गया. रॉड काटने के दौरान वह काफी गर्म हो गई थी, जिसे लोगों ने गीले कपड़ों की मदद से ठंडा किया. इसके बाद पार्क साइट पुलिस को सूचना दी गई और घायल युवक को रॉड से मुक्त कराकर तुरंत पुलिस की मदद से राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पुलिस का बयान: नशे में था युवक
पार्क साइट पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि आतिश शेवाले नशे में धुत था. नशे की हालत में वह 6 फीट ऊंचे गेट को पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका संतुलन बिगड़ा और हाथ रॉड पर जा गिरा. फिलहाल प्राथमिक उपचार के बाद युवक को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है और पुलिस ने इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया है.
सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल
भले ही युवक नशे में था, लेकिन इस हादसे ने प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल उठ रहा है कि आखिर आधी रात को युवक पम्प हाउस के अंदर क्यों जा रहा था? बीएमसी के पम्प हाउस जैसे संवेदनशील स्थान के गेट पर कोई सुरक्षाकर्मी तैनात क्यों नहीं था?
हालांकि पुलिस ने इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया है, ना ही बीएमसी के तरफ से कोई शिकायत दर्ज कराई गई है. इसलिए ये पता करना मुश्किल होगा के वो सिर्फ नशे में होने के कारण पम्प हाउस के अंदर जा रहा था या वजह कुछ और थी. लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी ज़रूर फैला दी है.