मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों से पहले महायुति गठबंधन ने अपना संयुक्त घोषणापत्र जारी कर दिया है. इस ख़ास मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, रामदास अठावले, विनोद तावड़े, अमीट सताम और आशिष शेलार सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे.
घोषणापत्र जारी करते हुए उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि इसमें पिछले साढ़े तीन सालों में मुंबई के लिए किए गए विकास कार्यों को समाहित किया गया है. उन्होंने कहा कि महायुति गठबंधन का उद्देश्य मुंबई के विकास की गति को और तेज करना है.
शिंदे ने मराठी मानूस के मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में मराठी लोग शहर छोड़कर गए हैं, और गठबंधन उनकी पुनर्वास की दिशा में काम कर रहा है. उन्होंने पुराने पगड़ी भवनों के पुनर्विकासन और स्लम मुक्त मुंबई बनाने को प्राथमिकता बताया.
शिंदे ने बीएमसी के पिछले कार्यकालों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां पर बैठे लोगों ने मुंबई के लिए कोई ठोस काम नहीं किया. उन्होंने कहा कि महायुति केवल ढांचागत विकास ही नहीं बल्कि आम जनता की समस्याओं को भी समाधान हेतु गंभीर है.
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उनकी सरकार ने मुंबईकरों की जीवनशैली बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि कई पार्टियां घोषणापत्र तो जारी करती हैं, लेकिन महायुति के पास अपने कार्यों का मजबूत रिकॉर्ड है. फडणवीस ने आगामी चुनाव में ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ भी जनता के बीच रखने का आश्वासन दिया.
महिला सशक्तिकरण पर बात करते हुए फडणवीस ने बीएमसी के माध्यम से महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन देने की योजना का ऐलान किया, जिसे वे बड़ा कदम मानते हैं. महायुति के घोषणापत्र में मुंबई के विकास, आवास, महिला कल्याण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई वादे किए गए हैं, जिन्हें बीएमसी चुनावों के मुख्य विषय के रूप में रखा गया है.