भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सहयोगी रही शिवसेना अब महाराष्ट्र में बीजेपी के रास्ते पर चल रही है. कांग्रेस और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाने के बाद अब शिवसेना भी नाम बदलने की राजनीति पर आगे बढ़ रही है. अब उद्धव ठाकरे सरकार नागपुर-मुंबई और समृद्धि एक्सप्रेस-वे का नाम बदलकर शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के नाम पर रखेगी.
Maharashtra Cabinet has decided to name Nagpur-Mumbai Samruddhi expressway after Shiv Sena founder Bal Thackeray.
— ANI (@ANI) December 11, 2019
महाराष्ट्र कैबिनेट ने फैसला किया है कि एक्सप्रेस-वे का नाम बदलकर बाल ठाकरे के नाम पर रखा जाएगा. इससे पहले बीजेपी अपने शीर्ष नेताओं के नाम पर सड़क, स्टेशन और इलाके का नामकरण करती रही है.
जब छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार थी और डॉ रमन सिंह वहां के मुख्यमंत्री थे, तो बीजेपी के शिखर पुरुष और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर पूरा नगर बसा दिया गया था. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में नए आकार ले रहे 'नया रायपुर' का नाम अटल नगर करने का फैसला लिया. अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद यह फैसला लिया गया.
इसके बाद अगस्त 2018 में रमन सिंह घोषणा की थी कि राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज और बिलासपुर विश्वविद्यालय का नाम भी अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जाएगा. इसके अलावा बीजेपी ने मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन कर दिया.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलने का सुझाव मोदी सरकार के पास भेजा था, जिसे स्वीकार कर लिया था. अगस्त 2018 में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बीजेपी के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर कर दिया.
इसके साथ ही मोदी सरकार ने जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को हटाया, तो हरियाणा के सिरसा में एक संस्था ने जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर एक सड़क का नाम रख दिया गया.