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बंद घरों की रेकी करता पिता, ताले तोड़ते थे बच्चे... कल्याण में 'फैमिली गैंग' का खौफनाक काला सच उजागर

महाराष्ट्र के कल्याण में बंद घरों की रेकी कर बच्चों से चोरी करवाने वाले फैमिली गैंग का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने पिता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर दो नाबालिगों को बाल सुधारगृह भेजा है. आरोपियों के पास से 21.60 लाख रुपये के सोने के आभूषण बरामद हुए हैं.

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21 लाख के गहने बरामद.(Photo: Mithileshkumar B Gupta/ITG)
21 लाख के गहने बरामद.(Photo: Mithileshkumar B Gupta/ITG)

महाराष्ट्र के कल्याण से चौंकाने वाला एक मामला सामने आया है, जहां बंद घरों की रेकी कर अपने ही बच्चों से चोरी करवाने वाले 'फैमिली गैंग' का पर्दाफाश हुआ है. महात्मा फुले चौक पुलिस स्टेशन ने इस मामले में पिता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अपराध में शामिल दो नाबालिग बच्चों को हिरासत में लेकर बाल सुधारगृह भेज दिया गया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 21 लाख 60 हजार रुपये कीमत के 18 तोले सोने के आभूषण बरामद किए हैं.

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अलग-अलग सोसायटियों में घूमकर बंद घरों की पहचान करता था और फिर चोरी की वारदात को अंजाम देता था. इस कार्रवाई से कल्याण इलाके में हुई कुल चार चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है. मामले ने समाज में माता-पिता की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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दरअसल, यह मामला 8 मई 2026 को सामने आया, जब कल्याण पश्चिम के रामबाग लेन नंबर 4 निवासी एम. अरविंद राजाराम पै के बंद घर में चोरी हुई. इस संबंध में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूत्रों से अहम जानकारी मिली.

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गुप्त सूचना से खुला गैंग का राज

सूचना के आधार पर पुलिस ने 13 मई को कैलास विलास भालेराव (19 वर्ष) को गिरफ्तार किया. उसके साथ मौजूद 14 और 15 साल के दो नाबालिग लड़कों को भी हिरासत में लिया गया. दोनों बच्चों को भिवंडी बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधारगृह भेज दिया गया.

मुख्य आरोपी कैलास से पूछताछ में खुलासा हुआ कि पूरे गैंग का मास्टरमाइंड उसका पिता विलास भालेराव और उसका दोस्त दीपक जाधव है. विलास सफाई का काम करता था, जबकि दीपक मजदूरी करता है. दोनों काम के बहाने अलग-अलग सोसायटियों में घूमते थे और बंद घरों की जानकारी जुटाते थे.

कल्याण

वे यह पता लगाते थे कि किस घर में कौन नहीं है और घर कब बंद रहता है. इसके बाद पूरी जानकारी बच्चों को दी जाती थी, जो घरों के ताले तोड़कर चोरी करते थे.

मौज-मस्ती के लिए करते थे चोरी

पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग बच्चे चोरी से मिली नकदी मौज-मस्ती में खर्च कर देते थे. वहीं, चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण अपने पिता को सौंपते थे. इसके बाद विलास भालेराव और दीपक जाधव उन गहनों को बेचकर पैसे कमाते थे.

पुलिस ने 15 मई की रात आंबिवली इलाके से दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया. पूछताछ में आरोपियों ने कल्याण इलाके में तीन और घरफोड़ियों की बात कबूल की.

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इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने कुल चार चोरी के मामलों का खुलासा किया है.

21 लाख के आभूषण बरामद, जांच जारी

पुलिस ने आरोपियों के पास से 1 मंगलसूत्र, 2 गंठन और 3 सोने की चूड़ियों सहित कुल 18 तोले वजन के करीब 21 लाख 60 हजार रुपये के सोने के आभूषण बरामद किए हैं.

बरामदगी के बाद पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल जारी है.

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