महाराष्ट्र के जालना जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है. समृद्धि महामार्ग पर कडवंची गांव के पास हुए भीषण हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच घायल नागरिकों का निजी अस्पताल में इलाज जारी है. हादसा उस समय हुआ जब मजदूरों को ले जा रहा एक छोटा हाथी पिकअप वाहन सड़क किनारे खड़ा था.
जानकारी के अनुसार, सभी महिलाएं समृद्धि महामार्ग पर मजदूरी का काम करती थीं और काम के सिलसिले में वाहन से जा रही थीं. इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़े मजदूरों को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि 8 महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.
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घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची. राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया और घायलों को पहले जालना जिला सामान्य अस्पताल और बाद में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
लापरवाही बनी हादसे की वजह, चालक हिरासत में
प्राथमिक जांच में हादसे का कारण ट्रक चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही बताया जा रहा है. पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
इस दर्दनाक हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है और स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है. हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
इस बीच जालना विधानसभा क्षेत्र के विधायक अर्जुन खोतकर अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना. उन्होंने मृतकों के परिजनों को हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया.
प्रशासन ने लिया जायजा, जांच जारी
जिला कलेक्टर आशिमा मित्तल और पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है.
पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. तेज रफ्तार और लापरवाही से हुए इस हादसे ने सात जिंदगियां छीन लीं, जिससे पूरा जालना जिला शोक में डूब गया है.
इस हादसे पर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.
घायलों का इलाज निजी अस्पताल की ओर से मुफ्त किया जा रहा है. बदनापुर के भाजपा विधायक नारायण कुचे ने बताया कि सभी घायलों का इलाज निशुल्क होगा और संबंधित ठेकेदार भी मृतकों के परिवारों तथा घायलों को आर्थिक मदद देगा. इस हादसे पर जालना जिले की पालकमंत्री पंकजा मुंडे ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है और अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं. फिलहाल, हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और प्रशासन राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है.
मृतक और घायलों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान अलकाबाई दादाराव अदमाने (45), लक्ष्मीबाई संतोष मदन (35), मीनाबाई परमेश्वर अदमाने (45), कांचनबाई प्रकाश अदमाने (50), ताराबाई गहेनाजी चौधरी (60), कडूबाई रामदास मदन (55), सुमनबाई कचरू अदमाने (70) और मंगलाबाई शिनगारे के रूप में हुई है.
घायलों में प्रयागबाई बाबासाहेब वाघ (30) को हाथ में फ्रैक्चर, कविता विठ्ठल चौधरी (35) और दिनेश रंगनाथ गायकवाड (42) को सिर में चोट आई है, जबकि एक अज्ञात महिला (50) भी सिर में चोट के कारण घायल है. सभी का इलाज जारी है.