scorecardresearch
 

'कल बेटे से बात हुई थी...' ऑपरेशन सिंदूर में शामिल रहे IAF पायलट की मौत, पिता का दर्द सुन भर आएंगी आंखें

भारतीय वायुसेना के एक युवा पायलट की दर्दनाक मौत ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया. पायलट के पिता ने बताया कि हादसे से ठीक एक दिन पहले ही बेटे से उनकी फोन पर बात हुई थी. सब कुछ सामान्य था, लेकिन अगली सुबह जैसे ही मौत की खबर मिली तो परिवार की दुनिया ही उजड़ गई. ऑपरेशन सिंदूर में शामिल रहे इस बहादुर पायलट की अचानक हुई मौत से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके में शोक की लहर है.

Advertisement
X
बेटे की मौत पर बिलख पड़े रिटायर्ड पिता. (Photo: Screengrab)
बेटे की मौत पर बिलख पड़े रिटायर्ड पिता. (Photo: Screengrab)

नागपुर के मोहल्ले में स्थित एक घर में सन्नाटा पसरा हुआ है. हर किसी के चेहरे पर दर्द है, मातम है. भारतीय वायुसेना के युवा पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर अब इस दुनिया में नहीं रहे. असम के करबी आंगलोंग जिले में बुधवार रात भारतीय वायुसेना का सुखोई Su-30 फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में 28 साल के पूर्वेश दुरागकर की मौत हो गई. जैसे ही यह खबर नागपुर पहुंची, उनके घर के बाहर लोगों का तांता लग गया. हर कोई इस दुखद खबर से स्तब्ध था.

सबसे ज्यादा दर्द उस पिता के दिल में है, जिसने अपने बेटे को बचपन से आसमान में उड़ान भरते देखने का सपना देखा था. पूर्वेश के पिता रविंद्र दुरागकर रेलवे से सेवानिवृत्त हैं. वे बताते हैं कि उन्होंने हादसे से एक दिन पहले ही बेटे से फोन पर बात की थी. वह कहते हैं, जब बात हुई थी... सब सामान्य था. उसने बताया कि सब ठीक चल रहा है. हमें क्या पता था कि सुबह ऐसा फोन आएगा, जो हमारी जिंदगी बदल देगा.

पूर्वेश के पिता ने कहा कि बुधवार को बेटे से बात की थी. सुबह पूर्वेश के ग्रुप कैप्टन ने फोन कर निधन की सूचना दी. उन्होंने यह भी बताया कि पूर्वेश ने ऑपरेशन सिंदूर में भी हिस्सा लिया था. वह देश के प्रति बेहद समर्पित थे और भारतीय वायुसेना में होने पर उन्हें बहुत गर्व था. बेटे की मौत की सूचना पर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.

Advertisement

iaf pilot who was part of operation sindoor dies father breaks down lcla

यह भी पढ़ें: वायुसेना का Su-30 MKI फाइटर जेट क्रैश, दोनों पायलट की मौत

रविंद्र दुरागकर कहते हैं कि बेटे का बचपन से ही सपना था कि वह भारतीय वायुसेना में जाए और देश की सेवा करे. उन्होंने बताया कि उसने अपने इस सपने को पूरा करने के लिए जी-जान लगा दी थी. जब वह एयरफोर्स में चयनित हुआ, तब पूरे परिवार को उस पर गर्व हुआ.

पिता बताते हैं कि पूर्वेश का स्वभाव बहुत मिलनसार था. वह हमेशा अपने साथियों के बारे में गर्व से बात करता था और देश सेवा को सबसे बड़ा धर्म मानता था. पूर्वेश दुरागकर की पोस्टिंग असम के तेजपुर एयरबेस पर थी. हालांकि फिलहाल वह जोरहाट में तैनात थे, क्योंकि तेजपुर एयरबेस के रनवे पर कुछ मरम्मत कार्य चल रहा था. पूर्वेश के पड़ोसी बताते हैं कि वह बेहद सरल और विनम्र स्वभाव के थे. छुट्टियों में जब भी नागपुर आते, तो आसपास के लोगों से बड़े प्यार से मिलते.

iaf pilot who was part of operation sindoor dies father breaks down

एक पड़ोसी ने बताया कि करीब दस दिन पहले ही पूर्वेश नागपुर आए थे. उस समय उनकी बहन भी अमेरिका से आई हुई थीं. घर में एक छोटा सा पारिवारिक मिलन कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें सभी ने साथ बैठकर खुशी के पल बिताए थे. किसी ने नहीं सोचा था कि वही मुलाकात परिवार के साथ उनकी आखिरी याद बन जाएगी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: उड़ान भरते ही गिरा पैराग्लाइडर, अनुभवी पायलट की मौत... हिमाचल की बीड़-बिलिंग साइट पर हादसा

पूर्वेश की एक बहन हैं, जिन्होंने आईआईटी से पढ़ाई की है और फिलहाल अमेरिका में रहती हैं. परिवार में दो ही भाई-बहन थे और दोनों ही पढ़ाई और करियर में बेहद होनहार रहे.

सिर्फ 28 साल की उम्र में पूर्वेश ने वह मुकाम हासिल कर लिया था, जिसका सपना कई युवा देखते हैं. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा नागपुर से ही पूरी की थी और उसके बाद कड़ी मेहनत के बल पर भारतीय वायुसेना में जगह बनाई थी. पिता बताते हैं कि पूर्वेश को छत्रपति शिवाजी महाराज की विचारधारा से गहरी प्रेरणा मिलती थी. वह अक्सर शिवाजी महाराज के साहस और देशभक्ति की बातें किया करते थे.

रविंद्र दुरागकर भावुक होकर कहते हैं कि हमारे लिए यह बहुत बड़ी क्षति है. देश के लिए भी यह नुकसान है. एक पायलट को तैयार करने में देश कितना समय और संसाधन लगाता है. लेकिन अब हमारा बेटा हमसे दूर चला गया है. उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं और आवाज धीमी पड़ जाती है.

कुछ दिन पहले नागपुर आए थे पूर्वेश

पूर्वेश दुरागकर अविवाहित थे और उनका पूरा ध्यान अपने करियर और देश सेवा पर था. परिवार को उनसे बहुत उम्मीदें थीं. स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ ही दिन पहले नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्वेश ने युवाओं को संबोधित भी किया था. उन्होंने देश सेवा और अनुशासन की बात कही थी. विडंबना यह है कि वही भाषण अब उनका आखिरी सार्वजनिक संबोधन बन गया.

Advertisement

भारतीय वायुसेना और जांच एजेंसियां इस हादसे के कारणों की जांच कर रही हैं. फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सुखोई फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त कैसे हुआ. इधर नागपुर में लोग अपने इस होनहार बेटे को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे हैं. आज शाम पूर्वेश दुरागकर का पार्थिव शरीर नागपुर लाया जाएगा. इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement