महाराष्ट्र के लातूर जिले की एक ग्राम पंचायत में एक ऐसा प्रस्ताव पारित किया गया है, जिसके मुताबिक अगर बच्चे अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल वहीं करते हैं तो वह विरासत में मिली संपत्ति से हाथ धो बैठेंगे. पंचायत के प्रस्ताव के मुताबिक बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं करने पर उनके बेटों और बहुओं को विरासत में मिली संपत्ति का अधिकार खोना पड़ेगा. उपसरपंच सतीश सिंदलकर ने बताया कि यह फैसला शिरूर-अनंतपाल तहसील में येरोल ग्राम पंचायत की बैठक में पारित किया गया है.
बैठक में ग्राम सरपंच सुकुमार लोकरे के अलावा कृषि सहायक, ग्राम विकास अधिकारी और ग्रामीण भी उपस्थित थे. ग्राम विकास अधिकारी केशव मदीबोयने ने बताया कि बैठक में बुजुर्ग माता-पिता की उनके बेटों और बहुओं द्वारा देखभाल नहीं किए जाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि जो बच्चे बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं करते, उन्हें सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा.
सभी ने किया स्वागत
उपसरपंच ने कहा कि ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में विरासत के अधिकार के तहत उन बेटों का नाम दर्ज नहीं करने के लिए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया, जो अपने माता-पिता की देखभाल नहीं करते हैं. उन्होंने दावा किया कि लातूर जिले में सभी इस प्रस्ताव का स्वागत कर रहे हैं.
और भी प्रस्ताव हुए पास
सिंदलकर ने बताया कि इसके अलावा गांव की मुख्य सड़क और चौक-चौराहों से अतिक्रमण हटाने, लिंगायत समुदाय के लिए कब्रिस्तान उपलब्ध कराने, सामुदायिक मंदिर बनाने, पेयजल आपूर्ति करने, सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने और अवैध शराब के कारोबार को रोकने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई और फैसले लिए गए.
क्या पड़ेगा असर?
पंचायत को उम्मीद है कि इस प्रस्ताव के पास होने के बाद बुजुर्ग माता-पिता के साथ सामने-आने वाले दुर्व्यवहार के मामलों में कमी आ सकती है और यदि बच्चे अपने मता-पिता की सही तरह से देखभाल नहीं करते हैं तो बुजुर्ग दंपत्ति उन्हें अपनी संपत्ति से बेदखल भी कर सकते हैं.