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42° तापमान ने बढ़ाया खतरा... बिजली ठप होने से बचाने के लिए ट्रांसफॉर्मर को ‘कूलर’ का सहारा

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिला में 42 डिग्री तापमान के बीच बिजली व्यवस्था बचाने के लिए अनोखा कदम उठाया गया है. बिजली विभाग ने आल्लापल्ली स्थित 132 केवी उपकेंद्र के मुख्य ट्रांसफॉर्मर को ओवरहीटिंग से बचाने के लिए दोनों ओर बड़े कूलर लगाए हैं. बढ़ती बिजली मांग और तेज गर्मी के कारण यह एहतियाती व्यवस्था लागू की गई.

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ट्रांसफॉर्मर बचाने के लिए अनोखा जुगाड़.(Photo: Vyenkatesh Dudamwar/ITG)
ट्रांसफॉर्मर बचाने के लिए अनोखा जुगाड़.(Photo: Vyenkatesh Dudamwar/ITG)

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के साथ विदर्भ में भीषण गर्मी का असर अब केवल इंसानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिजली व्यवस्था संभालने वाली मशीनों पर भी साफ दिखाई देने लगा है. वहीं, गढ़चिरौली जिला में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. इस कड़कती गर्मी ने आम जनजीवन के साथ-साथ बिजली आपूर्ति प्रणाली पर भी गंभीर दबाव बना दिया है. बढ़ते तापमान और बिजली की बढ़ती मांग के कारण अब तकनीकी उपकरणों को सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है.

तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जिले के अहेरी तहसील के आल्लापल्ली स्थित 132 केवी उपकेंद्र का मुख्य ट्रांसफार्मर अत्यधिक गर्म होने लगा है. यह ट्रांसफार्मर पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. लगातार बढ़ते तापमान ने इस प्रणाली पर दोहरा दबाव बना दिया है, जिससे बिजली व्यवस्था को बनाए रखना कठिन होता जा रहा है.

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गर्मी के मौसम में बिजली की मांग तेजी से बढ़ जाती है. बढ़ते लोड के कारण ट्रांसफार्मर के भीतर मौजूद तेल का तापमान भी तेजी से बढ़ने लगता है. जब बाहरी तापमान 42 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है, तो ट्रांसफार्मर पर खतरा और बढ़ जाता है. ऐसे हालात में तकनीकी खराबी, विस्फोट या बिजली आपूर्ति ठप होने की आशंका भी बढ़ जाती है.

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ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने के लिए अनोखा जुगाड़

इसी खतरे को देखते हुए बिजली विभाग ने एक अनोखा उपाय अपनाया है. आल्लापल्ली स्थित महावितरण (बिजली विभाग) और महापारेषण परिसर में लगे बड़े ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने के लिए उसके दोनों ओर बड़े लोहे के कूलर लगाए गए हैं. इन कूलरों के जरिए लगातार ठंडी हवा छोड़ी जा रही है, ताकि ट्रांसफार्मर का तापमान नियंत्रित रखा जा सके.

यह कदम इसलिए भी जरूरी माना जा रहा है क्योंकि ट्रांसफार्मर की अधिक गर्मी सीधे बिजली आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है. अगर समय रहते तापमान नियंत्रित न किया जाए तो तकनीकी खराबी से पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था बाधित हो सकती है. इसलिए कर्मचारियों ने एहतियात के तौर पर यह व्यवस्था लागू की है.

गर्मी के दौरान बिजली कटौती बढ़ने पर नागरिकों में नाराजगी भी बढ़ जाती है. ऐसे में बिजली व्यवस्था को सुचारू रखना विभाग की प्राथमिकता बन जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए यह अस्थायी लेकिन प्रभावी समाधान अपनाया गया है.

इंसानों के बाद अब मशीनों को भी कूलर की जरूरत

चिलचिलाती धूप में जहां लोग गर्मी से बचने के लिए कूलर और एसी का सहारा ले रहे हैं, वहीं अब मशीनों को भी ठंडा रखने की जरूरत पड़ने लगी है. ट्रांसफार्मर पर लगाए गए ये बड़े कूलर फिलहाल जिले में चर्चा का विषय बन गए हैं. यह दृश्य लोगों के लिए नया और दिलचस्प है. महावितरण की यह पहल गर्मी से बिजली व्यवस्था को सुरक्षित रखने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है. बढ़ती गर्मी और बिजली की मांग के बीच यह उपाय सिस्टम को सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.

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