महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान '370 रुपये की बिरयानी' वाली वायरल टिप्पणी से उपजे विवाद पर अपनी राय रखी. वायरल टिप्पणी की काफी आलोचना हो रही है क्योंकि इसे यौन उत्पीड़न को बढ़ावा देने और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला माना जा रहा है.
इसे लेकर फडणवीस ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी मानवीय गरिमा और सामाजिक सीमाओं की कीमत पर नहीं मिलनी चाहिए.
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसके कारण भारी आक्रोश फैला और कानूनी कार्रवाई शुरू हुई, फडणवीस ने कहा कि संविधान अभिव्यक्ति की आज़ादी की गारंटी देता है, लेकिन इसमें इसके दुरुपयोग को रोकने के उपाय भी हैं. उन्होंने कहा कि मनोरंजन के नाम पर अभिव्यक्ति की आज़ादी को गरिमा की सीमाएं नहीं लांघनी चाहिए.
फडणवीस ने कहा, 'भारत के संविधान ने सभी को अभिव्यक्ति की आज़ादी दी है. हालांकि, साथ ही संविधान ने यह सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपाय भी किए हैं कि इस आज़ादी का दुरुपयोग न हो. जब अभिव्यक्ति बेलगाम हो जाती है, तो यह नागरिकों के सम्मान के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन करती है, और हमारा संविधान ऐसे उल्लंघन की इजाजत नहीं देता है.'
उन्होंने कहा, ' हर कोई स्टैंड-अप कॉमेडी का आनंद लेता है और मैं खुद भी इसे देखता हूं, लेकिन मनोरंजन के चक्कर में सामाजिक सीमाओं या गरिमा की सीमाओं का उल्लंघन करना सही नहीं है.'
बता दें, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब गुरुग्राम के एक टेक कर्मचारी ने कॉमेडियन प्रणित मोरे के स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान एक घटना का ज़िक्र किया. उसने दावा किया कि एक डेट के दौरान उसने चिकन बिरयानी की एक प्लेट पर 370 रुपये खर्च किए थे.
उसने कहा कि जब महिला ने उसे घर छोड़ने के लिए कहा, तो उसने बिरयानी पर खर्च किए गए पैसे के बदले सेक्शुअल फेवर्स की मांग की. इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली है. कई लोगों ने इसकी आलोचना की है.