महाराष्ट्र के अकोला में उस समय सनसनी फैल गई, जब भारतीय जनता पार्टी के अकोट शहर अध्यक्ष हरीश टावरी को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से 2 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिलने की जानकारी सामने आई. यह धमकी सिग्नल ऐप के जरिए संदेश और कॉल के माध्यम से दी गई. पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह धमकी करीब तीन से चार दिन पहले एक मोबाइल ऐप के जरिए भेजी गई थी.
धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया और साफ तौर पर 2 करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया. संदेश में यह भी कहा गया कि अगर रकम नहीं दी गई, तो भाजपा शहर अध्यक्ष और संबंधित नेता को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. इस धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया.
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सुरक्षा बढ़ाई गई, पुलिस फिलहाल चुप
सूत्रों के मुताबिक, इस धमकी के बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. एहतियात के तौर पर भाजपा शहर अध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उन्हें सशस्त्र सुरक्षा प्रदान की गई है. हालांकि, पुलिस इस मामले में फिलहाल खुलकर कोई आधिकारिक बयान देने से बच रही है और जांच को गोपनीय तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है.
पुलिस सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस धमकी का अकोट विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रकाश भारसाकळे से कोई प्रत्यक्ष संबंध सामने नहीं आया है. फिलहाल केवल भाजपा शहर अध्यक्ष को ही धमकी भरा कॉल और संदेश मिलने की पुष्टि हुई है. सुरक्षा एजेंसियां हर संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही हैं.
शुभम लोणकर का नाम आया सामने
इस मामले में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह शुभम लोणकर का है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शुभम लोणकर अकोट तालुका के नेव्होरी गांव का रहने वाला है. उसके खिलाफ पहले भी अवैध हथियार रखने और हथियार तस्करी के मामले दर्ज हैं. पुलिस ने पहले उसके पास से तीन पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए थे.
सूत्रों के अनुसार, शुभम लोणकर का संपर्क लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई से रहा है. जांच एजेंसियों के पास दोनों के बीच हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद बताई जा रही है. शुभम को पहले हथियार तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में वह जमानत पर रिहा हो गया था.
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भी जांच
सूत्रों के मुताबिक, शुभम लोणकर कुछ समय तक पुणे के वारजे इलाके में रह रहा था और बाद में फरार हो गया. जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क की भी जांच कर रही हैं, जिसमें दुबई सहित अंतरराष्ट्रीय अपराधियों से संभावित संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है.
बताया जा रहा है कि शुभम लोणकर ने पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था. इसके अलावा फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना में भी उसका नाम चर्चा में आया था. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गोपनीय तरीके से जांच कर रही है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.