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MP: 15 साल बनाम 15 माह के नारे के साथ उपचुनाव में जाएंगे कमलनाथ

मध्य प्रदेश उपचुनाव में बीजेपी को मात देने के लिए कमलनाथ सॉफ्ट हिंदुत्व के जरिए सामाजिक समीकरण साध रहे हैं तो युवा मतदाताओं को जरिए राजनीतिक जंग फतह करना चाहते हैं. कमलनाथ 15 साल बनाम 15 महीने के नारे के साथ उपचुनाव की सियासी जंग फतह करना चाहते हैं.

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मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ

  • मध्य प्रदेश की 27 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं
  • शिवराज के 15 साल और कांग्रेस के 15 महीने की तुलना

मध्य प्रदेश की 27 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है. बीजेपी को मात देने के लिए कमलनाथ सॉफ्ट हिंदुत्व के जरिए सामाजिक समीकरण साध रहे हैं तो युवा मतदाताओं को जरिए राजनीतिक जंग फतह करना चाहते हैं. कमलनाथ ने बीजेपी के 15 साल और कांग्रेस के 15 महीने के कार्यकाल की तुलना करने के लिए लोगों से अपील की है. इस तरह 15 साल बनाम 15 महीने के नारे को लेकर कमलनाथ उपचुनाव में उतरे हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने गुरुवार को पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर युवाओं से संवाद किया. इस दौरान उन्होंने सूबे में बढ़ती बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाया. कमलनाथ ने कहा प्रदेश की छवि बिकाऊ राज्य में तब्दील हो गई है. सौदेबाजी की राजनीति से प्रदेश की छवि धूमिल हुई है. उन्होंने कहा कि सच का साथ देने के लिए प्रदेश के युवा आगे आएं और बीजेपी के 15 साल के कामकाज और कांग्रेस के 15 महीने के कार्यकाल की तुलना करें.

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कमलनाथ ने अफसोस जताते हुए कहा कि 15 साल पहले भविष्य का इंतजार कर रहे युवा अब ओवर एज हो गए हैं. पिछले 15 साल में मध्य प्रदेश विकास में पिछड़ गया और कोई रोजगार और योजना नहीं होने से हताशा बढ़ी है. नौकरियां कम हो रही हैं. इंटरनेट के युग में युवा तड़प रहा है. 15 साल में बीजेपी ने सिर्फ घोषणा की लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ.

कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश की जनता ने 5 साल के लिए कांग्रेस को जनादेश दिया था. 15 महीने के कार्यकाल में सरकार ने कई बड़े फैसले किए और नयी कार्य प्रणाली को विकसित किया. प्रदेश की तस्वीर बदलने की कोशिश की गयी. निवेश के लिए विश्वास जगाया गया. उद्योग नियम सरल किए गए. 70 फीसदी स्थानीय रोजगार देने का प्रावधान किया गया. हॉर्टिकल्चर राजधानी बनाने की कोशिश की गई. फूड प्रोसेसिंग में निवेश को प्रोत्साहित किया गया. शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया गया.

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कमलनाथ ने आरोप लगाया कि माफिया को बीजेपी का संरक्षण है. साथ ही कहा कि प्रदेश की बिकाऊ राज्य की छवि बन गयी है. केंद्र सरकार की युवाओं के लिए आत्मनिर्भर योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के किसी युवा को आत्मनिर्भर योजना से फायदा नहीं मिला. बीजेपी घोषणाओं की राजनीति करती है. बीते 15 साल में प्रदेश पिछड़ा हो गया है. युवाओं का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. व्यापम से नौकरियां बेच दी गईं.

15 साल बनाम 15 माह

कमलनाथ ने युवाओं से बीजेपी के 15 साल बनाम उनकी सरकार के 15 महीने के काम की तुलना करने की अपील की. साथ ही इस बात का भी जिक्र किया कि अब लड़ाई लड़ना होगी. संविधान की रक्षा, लोकतंत्र पर मंडराता संकट दूर करने के लिए युवाओं को आगे आना होगा. कमलनाथ ने युवाओं से सच्चाई का साथ देने की अपील की.

बता दें कि मध्य प्रदेश की 27 विधानसभा सीटों में से 16 सीटें अकेले ग्वालियर-चंबल संभाग के हैं. मध्य प्रदेश के इतिहास में ये पहला मौका होगा जब एक साथ 27 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होगा. इन सीटों के नतीजे सरकार के साथ भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं का भविष्य भी तय करने वाले कहे जा रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस और बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है.

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