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MP: भोपाल में भारतीय रेल के 'आइसोलेशन कोच' तैयार, गर्मी से लड़ने के भी हैं इंतजाम

भोपाल में पश्चिम मध्य रेलवे ने 300 बेड के आइसोलेशन कोच तैयार किए हैं. रेलवे के 20 स्लीपर कोच को आइसोलेशन कोच में बदला गया है और हर कोच में 16 कोविड के हल्के  लक्षण वाले कोरोना मरीजों को आइसोलेट किया जाएगा.

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भोपाल में भारतीय रेल के आइसोलेशन कोच
भोपाल में भारतीय रेल के आइसोलेशन कोच
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ट्रेन में बिजली, पानी के अलावा गर्मी से बचाव के लिए कूलर की व्यवस्था
  • रेलवे के 20 स्लीपर कोच को आइसोलेशन कोच में बदला गया

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अस्पतालों में बेड की कमी दूर करने अब भारतीय रेलवे आगे आई है. रेलवे ने भोपाल रेलवे स्टेशन पर 20 आइसोलेशन कोच बनाए हैं जहां मामूली कोविड लक्षणों वाले मरीजों को आइसोलेट कर के रखा जाएगा ताकि गंभीर मरीजों के लिए अस्पतालों में बेड उपलब्ध रहें. 

भोपाल में पश्चिम मध्य रेलवे ने 300 बेड के आइसोलेशन कोच तैयार किए हैं. रेलवे के 20 स्लीपर कोच को आइसोलेशन कोच में बदला गया है और हर कोच में 16 कोविड के हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीजों को आइसोलेट किया जाएगा. भोपाल रेलवे स्टेशन के 6 नंबर प्लेटफॉर्म पर यह ट्रेन खड़ी है. जब तक आइसोलेशन कोच यहां रहेंगे और इनमे मरीज़ रहेंगे तब तक रेलवे स्टेशन के इस हिस्से को आम यात्रियों के लिए बंद रखा जाएगा. 

कोरोना मरीजों के लिए यहां सुबह का नाश्ता, दोपहर का लंच और रात के डिनर के अलावा शाम की चाय भी उपलब्ध रहेगी. ट्रेन में बिजली, पानी के अलावा गर्मी से बचाव के लिए कूलर की व्यवस्था भी की गई है. ट्रेन की खिड़कियों पर कूलर लगा दिए गए हैं तो वहीं गर्मी में ट्रेन के डिब्बों की छत गर्म ना हो इसके लिए ऊपर बोरियां बिछाई गई है जो लगातार पानी की बौछार से गीली की जाएंगी. इसके अलावा रेलवे के फ्री वाई फाई सुविधा भी यहां भर्ती मरीज इस्तेमाल कर सकेंगे.
 

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