ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद से ही मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने देर रात मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. राज्यपाल ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखे खत में कहा है कि अगर विश्वास मत के मतदान की प्रक्रिया बटन दबाकर नहीं हो सकती तो हाथ उठाकर पूरी की जाए. इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ राज्यपाल से मिले. वहीं विधानसभा के स्पीकर एनपी प्रजापति का कहना है कि उन 9 विधायकों का इंतजार है, जिन्होंने इस्तीफा भेजा था. जहां तक फ्लोर टेस्ट की बात है तो वह सोमवार को ही पता चलेगा.
वहीं नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता गोपाल भार्गव ने भी राज्य के मौजूदा हालात को लेकर राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्यपाल ने कल (शनिवार) अभिभाषण के बाद फ्लोर टेस्ट के आदेश दिए थे. ऐसे में हमने मांग की है कि अगर इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम काम नहीं कर रहा है तो हाथ उठाकर वोटिंग की जाए.
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि राज्यपाल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि कोरोना की बहानेबाजी नहीं चलेगी और स्पीकर को राज्यपाल की बात माननी होगी. इसके बाद लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखा. पत्र में उन्होंने निर्देश दिया है कि विधानसभा में बटन दबाकर मतदान कराने की व्यवस्था नहीं है, अतः मध्य प्रदेश राज्य की धारा 10 वीं अनुसूची के तहत आदेशित किया जाता है कि विश्वास मत के मतदान की प्रक्रिया हाथ उठाकर संचालित कराई जाए.

इस बीच गुरुग्राम के ITC ग्रांड भारत होटल में ठहरे सभी बीजेपी विधायक दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गए हैं. ये सभी आज रात भोपाल के लिए उड़ान भरेंगे.
वहीं कमलनाथ सरकार के मंत्रियों और विधायकों का कहना है कि राज्यपाल के पास फ्लोर टेस्ट करवाने का अधिकार नहीं है. आजतक से बात करते हुए कांग्रेस विधायक ने कहा, 'राज्यपाल जी ने मुख्यमंत्री जी से फ्लोर टेस्ट के लिए कहा है और फ्लोर टेस्ट कराने का अधिकार राज्यपाल जी के पास नहीं विधानसभा अध्यक्ष के पास होता है. फ्लोर टेस्ट तभी होगा जब हमारे बंधक बनाए गए विधायकों को छोड़ा जाएगा. बीजेपी ने हमारे विधायकों को बंधक बनाकर रखा है और जब तक वो हमारे पास नहीं आ जाते, हम फ्लोर टेस्ट नहीं करा सकते.'
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एक अन्य विधायक अशोक का कहना है कि राज्यपाल का अपना अधिकार होता है वहीं सदन के अंदर की कार्यवाही का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष का होता है.
दरअसल, मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को विधानसभा में बहुमत साबित करने के निर्देश दिए हैं. इसी के साथ राज्य में सियासी सरगर्मी एक बार फिर से बढ़ गई है. लगभग आधी रात को राजभवन से एक पत्र राज्य के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ को भेजा गया.
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दिल्ली में बीजेपी नेताओं की ताबड़तोड़ बैठकें
मध्य प्रदेश में सोमवार को होने वाले शक्ति परीक्षण को देखते हुए दिल्ली में रविवार को राजनीतिक गतिविधि तेज हो गई है. सुबह से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की बैठक चल रही है. भाजपा सूत्रों के अनुसार, सबसे पहले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के घर मध्य प्रदेश बीजेपी के बड़े नेताओं की बैठक हुई. इस बैठक में शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान शामिल हुए.
सूत्र ने बताया कि इसके बाद ये सभी नेता अमित शाह के घर पहुंचे, लेकिन शाह को कश्मीर से आए एक प्रतिनिधिमंडल से गृह मंत्रालय में मिलना था, लिहाजा यहां नेताओं की संक्षिप्त मुलाकात हुई.
शाह से मुलाकात बाद सभी नेता सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के घर पहुंचे. माना जा रहा है कि तुषार मेहता के घर मध्य प्रदेश में जारी राजनीतिक हालात के कानूनी पहलुओं पर विचार किया गया. तुषार मेहता के 10 अकबर रोड स्थित आवास पर लगभग एक घंटे बैठक हुई. सूत्रों के अनुसार, इन नेताओं की एक बार फिर से अमित शाह के घर बैठक हो सकती है.