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झारखंड: सारंडा के जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, इनामी नक्सली सहित 16 ढेर

पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. किरीबुरू और छोटानागरा थाना क्षेत्र के बीच हुई इस भीषण मुठभेड़ में एक इनामी नक्सली सहित कई नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है.

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सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों की मुठभेड़ (Photo: Satyajeet/ITG)
सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों की मुठभेड़ (Photo: Satyajeet/ITG)

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ का मामला सामने आया है. किरीबुरू और छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुमडी इलाके में हुई इस कार्रवाई में एक इनामी नक्सली सहित 16 नक्सलियों के मारे जाने की खबर मिली है. कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि की है और हताहतों का विवरण जुटाया जा रहा है. 

अब तक सेंट्रल कमेटी मेंबर अनल दा सहित कुल 16 नक्सली ढेर हो चुके हैं. कई नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं. इस ऑपरेशन में कोबरा की 203, 205, 209 और सीआरपीएफ के कई बटालियन के जवान मौजूद हैं. इलाके में लगातार सर्च ऑपरेशन चल रहा है.

जरायकेला के सामठा इलाके से भी एक नक्सली के मारे जाने की सूचना है. यह ऑपरेशन केंद्र सरकार के 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत चलाया गया. सुरक्षाबलों ने खुफिया सूचना के आधार पर सारंडा के इस दुर्गम इलाके में घेराबंदी कर फायरिंग का करारा जवाब दिया.

jharkhand naxalite

कुमडी और सामठा के जंगलों में जोरदार फायरिंग

मुठभेड़ की पहली सूचना सारंडा जंगल के कुमडी इलाके से आई, जो किरीबुरू और छोटानागरा थाना क्षेत्र के बीच स्थित है. इसके साथ ही, जरायकेला थाना क्षेत्र के सामठा इलाके में भी सुरक्षाबलों की नक्सलियों से भिड़ंत हुई. हालांकि, आधिकारिक तौर पर आंकड़ों की पुष्टि होना बाकी है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. इस मुठभेड़ के बाद पूरे जंगल क्षेत्र में फायरिंग की आवाजों से दहशत का माहौल बना हुआ है.

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नक्सलियों के गढ़ में प्रहार

सारंडा जंगल लंबे वक्त से नक्सलियों का मजबूत किला रहा है, जहां कई इनामी नक्सली नेता एक्टिव रहते हैं. हाल ही में चाईबासा में सीआरपीएफ डीजी की अध्यक्षता में एक स्पेशल मीटिंग हुई थी, जिसमें नक्सलियों के खिलाफ ठोस रणनीति बनाई गई थी. इसी मीटिंग के बाद झारखंड और ओडिशा से भारी तादाद में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी, जिससे इस क्षेत्र से नक्सलियों का पूरी तरह सफाया किया जा सके.

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सरेंडर ही विकल्प...

जहां छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों में नक्सली लगातार सरेंडर करके मुख्यधारा में लौट रहे हैं, वहीं सारंडा में अब तक ऐसी कोई बड़ी पहल नक्सलियों की ओर से नहीं देखी गई है. ऐसे में सुरक्षाबलों ने अब आर-पार की जंग का रास्ता चुना है. कोल्हान और पोड़ाहाट जैसे इलाकों में चल रहे अभियानों से यह संकेत मिल रहे हैं कि सुरक्षा बल नक्सलियों के सफाये के निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुके हैं.

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