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रांची: HEC प्लांट में कर्मचारियों के स्मार्टफोन लाने पर रोक, सीनियरों पर कोई पाबंदी नहीं

रांची के हैवी इंजीनियर कॉर्पोरेशन प्लांट में अब कर्मचारियों के स्मार्ट फोन लाने पर मनाही है. प्लांट द्वारा ये आदेश जारी किया गया है, जिसका मजदूरों ने विरोध किया है.

HEC प्लांट के फैसले पर विवाद (File) HEC प्लांट के फैसले पर विवाद (File)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रांची के HEC प्लांट का फरमान
  • कर्मचारियों के स्मार्टफोन इस्तेमाल पर रोक

झारखंड के रांची में स्थित हैवी इंजीनियर कॉर्पोरेशन (HEC) का एक फैसला इन दिनों सुर्खियां बटोर रहा है. HEC ने अपने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि प्लांट के भीतर स्मार्टफोन का उपयोग नहीं किया जाएगा. कंपनी का कहना है कि प्लांट के अंदर स्मार्ट फोन होने के कारण कर्मचारियों का ध्यान भटकता है. 

खास बात ये है कि सिर्फ प्लांट में काम करने वाले परमानेंट स्टाफ, ट्रेनी और बाकी लोगों के अलावा यहां आने वाले किसी विजिटर को भी स्मार्ट फोन लाने की इजाजत नहीं होगी. इसको लेकर नोटिस जारी कर दिया गया है, लेकिन कंपनी अभी कुछ बोलने को राजी नहीं है. हालांकि, प्लांट में सीनियर लेवल के अधिकारी यानी डायरेक्टर्स, सीवीओ, शिफ्ट इंचार्ज समेत अन्यों को इस आदेश से मुक्त किया गया है.

आपको बता दें कि HEC देश की कोर इंडस्ट्री का एक अहम हिस्सा है, जो 1958 में बना था. ये प्लांट इसरो, डिफेंस, खदानों समेत अन्य बड़े संस्थानों-क्षेत्रों के लिए मशीनरी तैयार करता है. 


अब प्लांट द्वारा लिए गए इस फैसले का मजदूर संघ ने घोर विरोध किया है. महासचिव रामशंकर प्रसाद का कहना है कि कर्मचारियों को पांच महीने से सैलरी नहीं मिली है, ऐसे में मेन मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा फैसला लिया गया है. 

दरअसल हाल ही में प्लांट से 42 लाख रुपये की पीतल चोरी हो गई थी. ऐसे में मैनेजमेंट को शक है कि स्मार्टफोन रखने वाले किसी मजदूर ने जानाकारी बाहर साझा की. मजदूर संघ का कहना है कि बिना किसी बड़ी मशीन या सुरक्षाकर्मी की मदद से ऐसा कोई कर ही नहीं सकता है.  

कंपनी के समूचे स्टाफ ने अब प्लांट से अपना फैसला वापस लेने को कहा है. लेकिन मैनेजमेंट का कोई जवाब अभी नहीं आया है. लेकिन स्मार्टफोन पर पाबंदी का फैसला 30 सितंबर से लागू कर दिया जाएगा. 

 

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