झारखंड के खूंटी जिले में आदिवासी ग्राम प्रधान की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. इस सनसनीखेज हत्याकांड में मुख्य आरोपी समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो शूटर और कुछ अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
एजेंसी के अनुसार, खूंटी के एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि मृतक की पहचान सोमा मुंडा के रूप में हुई थी. सोमा मुंडा 2024 के विधानसभा चुनाव में खूंटी सीट से अबुआ झारखंड पार्टी (AJP) के प्रत्याशी भी रह चुके थे. इसके अलावा सोमा मुंडा 22 गांवों के पारंपरिक मुखिया थे और उन्हें ‘आदिल संगा पढ़ा राजा’ के नाम से जाना जाता था.
पुलिस के अनुसार, 7 जनवरी को सोमा मुंडा की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह अपनी पत्नी के साथ बाइक से घर लौट रहे थे. यह वारदात नामकुम-जामुआदाग रोड पर अंजाम दी गई.
जांच में सामने आया है कि हत्या की वजह जमीन विवाद थी. पुलिस के मुताबिक, जियारप्पा गांव में स्थित करीब 3.16 एकड़ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. यह जमीन रांची निवासी देवव्रत नाथ शाहदेव द्वारा स्थानीय लोगों की मदद से बेचे जाने की कोशिश की जा रही थी. लेकिन इस जमीन पर वर्षों से पारंपरिक ‘पढ़ा जात्रा मेला’ का आयोजन होता रहा है, जिसका सोमा मुंडा और गांव के अन्य लोगों ने विरोध किया था.
नवंबर महीने में जमीन को समतल करने और पत्थर के निशान हटाने की कोशिश की गई, जिसका भी सोमा मुंडा ने विरोध किया. इसी के बाद हत्या की साजिश रची गई और उन्हें रास्ते से हटाने के लिए गोली मार दी गई. पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की गहन जांच जारी है.