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Jharkhand: सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले पेपर लीक... 160 अभ्यर्थी हिरासत में, सॉल्वर गैंग का बड़ा नेटवर्क उजागर

झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले रांची के तमाड़ इलाके में पुलिस ने छापेमारी कर करीब 160 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया है. निर्माणाधीन भवन से प्रश्नपत्र के चार सेट, मोबाइल और दस्तावेज बरामद हुए हैं. जांच में 15 लाख रुपये की डील और सॉल्वर गैंग कनेक्शन सामने आया है.

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15 लाख की डील का खुलासा.(Photo: Screengrab)
15 लाख की डील का खुलासा.(Photo: Screengrab)

झारखंड में रविवार को आयोजित उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले पेपर लीक की आशंका ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है. राजधानी रांची के तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर करीब 160 अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया. सभी को बस से तमाड़ थाना ले जाकर पूछताछ की जा रही है. सूचना थी कि एक निर्माणाधीन भवन में अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराकर रटवाया जा रहा था. मौके से मोबाइल फोन समेत कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सामग्री बरामद की गई है.

सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क एक दिन में खड़ा नहीं हुआ था. जानकारी मिली है कि कुछ दिन पहले से स्थानीय दलाल अभ्यर्थियों से संपर्क कर मोटी रकम वसूल रहे थे. इसके बाद रकम राज्य के बाहर बैठे सरगना तक पहुंचाई गई और फिर छात्रों को कथित तौर पर प्रश्नपत्र मुहैया कराया गया. छापेमारी अभियान के बाद बड़ी संख्या में संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ जारी है.

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पुलिस की कार्रवाई के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई और दो परीक्षार्थी भागने में सफल रहे. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर फैला हुआ है.

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छापेमारी में स्कूल और निर्माणाधीन भवन बना केंद्र

तमाड़ थाना क्षेत्र के रांगामाटी में परीक्षा के दिन सुबह एक स्कूल परिसर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. बताया गया कि यह स्थान रांगामाटी मेन रोड से लगभग दो किलोमीटर अंदर स्थित है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छापेमारी शुरू कर दी. पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई.

कार्रवाई के दौरान लगभग 160 संदिग्धों को पकड़ा गया और उनसे पूछताछ शुरू की गई. पुलिस की ओर से शुरुआत में आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई थी, लेकिन बाद में प्रशासन ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया. इस प्रेस वार्ता में रांची के उपायुक्त और एसएसपी भी मौजूद रहे.

अधिकारियों ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई थी और एक अर्धनिर्मित मकान में अभ्यर्थियों को इकट्ठा कर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र रटवाने की तैयारी चल रही थी. मौके से चार सेट प्रश्नपत्र उत्तर सहित बरामद किए गए.

मास्टरमाइंड और 15 लाख की डील का खुलासा

जांच में सामने आया कि बरामद प्रश्नपत्रों में से कुछ प्रश्न संभावित परीक्षा से जुड़े हुए थे. कुल 120 प्रश्नों में से कुछ का मिलान हुआ है. हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूर्ण रूप से पेपर लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है. खोरठा विषय का एक प्रश्न लीक होने और एक प्रश्न के आंशिक रूप से मेल खाने की बात सामने आई है.

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पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड अतुल वत्स है, जो सॉल्वर गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है और पहले भी ऐसे मामलों में आरोपित रह चुका है. जांच में यह भी सामने आया कि अभ्यर्थियों से करीब 15 लाख रुपये की डील की गई थी और उनके एडमिट कार्ड व अन्य दस्तावेज जमा कराए गए थे.

वहीं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन प्रशांत कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि इस मामले में शामिल सभी 159 अभ्यर्थियों को आयोग की परीक्षाओं से डिबार किया जाएगा. पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और आगे की कार्रवाई जारी है.

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