झारखंड के जमशेदपुर जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब स्वर्णरेखा नदी से एक संदिग्ध लोहे की वस्तु बरामद हुई. शुरुआती तौर पर इसे सामान्य धातु का टुकड़ा समझा जा रहा था, लेकिन जांच के बाद मामला बेहद गंभीर निकला. रांची से पहुंची बम निरोधक दस्ते की टीम ने प्राथमिक जांच में इसके 500 पाउंड यानी 226 किलो के एक शक्तिशाली बम होने की आशंका जताई है.
सेना ही कर पाएगी इस बम को डिफ्यूज
बम निरोधक दस्ते के प्रभारी नंदकिशोर सिंह ने बताया कि यह कोई साधारण विस्फोटक नहीं है, बल्कि काफी बड़ा और खतरनाक बम प्रतीत हो रहा है. इसे निष्क्रिय करने के लिए विशेष तकनीक और विशेषज्ञता की जरूरत होगी, जो आम तौर पर भारतीय सेना के पास ही उपलब्ध होती है. ऐसे में अब इस बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए सेना की मदद ली जा सकती है.
बम स्क्वाड टीम ने किया इंस्पेक्शन
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. बम मिलने वाले स्थान को तुरंत सील कर दिया गया है और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है. प्रशासन ने आसपास के ग्रामीणों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे उस क्षेत्र के पास न जाएं और किसी भी तरह की छेड़छाड़ से बचें.
बहरागोड़ा के अंचल अधिकारी राजाराम मुंडा ने बताया कि बम निरोधक दस्ते ने मौके का निरीक्षण कर लिया है और अब आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों से समन्वय किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.
पहले पश्चिम बंगाल में मिला था ऐसा ही बम
इस घटना ने इलाके में पहले की एक समान घटना की याद भी ताजा कर दी है. करीब सात महीने पहले पश्चिम बंगाल के गोपीबल्लापुर थाना क्षेत्र के भरमपुर गांव के पास भी स्वर्णरेखा नदी से इसी तरह का एक बम मिला था. उस समय एयर फोर्स की टीम ने उसे सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया था.
फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी सावधानी के साथ स्थिति को संभाल रही हैं. जब तक बम को निष्क्रिय नहीं कर लिया जाता, तब तक इलाके में सतर्कता बरतने के निर्देश जारी रहेंगे. स्थानीय लोगों में डर का माहौल है, लेकिन प्रशासन लगातार लोगों को आश्वस्त करने में जुटा है.