कश्मीर के मुद्दे पर भारत-पाकिस्तान के बीच शांति दूत बनने की चाहत रखने वाले उदारवादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने पाकिस्तान उच्चायुक्त से मुलाकात की. रविवार को दिल्ली में हुई इस मीटिंग में मीरवाइज ने बासित को जम्मू कश्मीर के जमीनी हालात से रू-ब-रू करवाया. साथ ही भारत-पाकिस्तान के बीच हुई विदेश सचिव स्तरीय वार्ता पर पाकिस्तान की राय भी जानी.
कश्मीर ना तो राष्ट्रीय मुद्दा है, ना ही क्षेत्रीय विवाद: मीरवाइज
हुर्रियत के मुताबिक कश्मीर का मुद्दा ना तो राष्ट्रीय मुद्दा है और ना ही क्षेत्रीय मुद्दा है. बल्कि ये लोगों से जुड़ी समस्या है. कश्मीर मुद्दे पर बोलते हुए मीरवाइज ने कहा, 'यह समझना
जरूरी है कि अगर घाटी में शांति कायम करना है और हिंसा खत्म करना है तो सेना के जरिए ऐसा नहीं हो सकता.' उन्होंने कहा, कश्मीर की समस्या राजनीतिक है. इसका अच्छे या बुरे
शासन से कोई लेना देना नहीं है.'
इस्लामाबाद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंतजार
अब्दुल बासित ने मीरवाइज को कहा कि इस्लामाबाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाकिस्तान यात्रा का इंतजार कर रहा है. साल 2016 में सार्क सम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के
पाकिस्तान जाने की संभावना है. बासित ने कहा, 'इस यात्रा से पहले हम सभी अहम मुद्दों पर पहल करना चाहते हैं.'
मीरवाइज ने बासित के साथ मुलाकात से पहले कहा कि उनकी पार्टी भारत-पाक वार्ता में सहयोग करना चाहती है.