पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में 50 पर्यटक स्थलों को बंद कर दिया गया था. इनमें से 12 जगहों को सितंबर 2025 में और 14 जगहों को कुछ दिन पहले ही बहाल कर दिया गया था. वहीं, अब जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बताया है कि बाकी बंद पड़े टूरिस्ट स्पॉट्स को मई 2026 तक खोल दिया जाएगा.
गुरुवार को विधानसभा में राज्य के पर्यटन क्षेत्र पर बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में 9 नए टूरिस्ट स्पॉट खोलने की घोषणा भी की. उनके मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में पहली बार आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करना मुश्किल नहीं है, लेकिन उन्हें दोबारा आने के लिए प्रेरित करना है.
उमर अब्दुल्ला ने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा, 'जम्मू और कश्मीर के लिए पर्यटन एक बहुत अहम क्षेत्र है. सच्चाई ये है कि जब हम पिछले साल बजट और अनुदान पर चर्चा कर रहे थे, तब हमें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि हमें ऐसे मुश्किल हालात का सामना करना पड़ेगा.'
'धीरे-धीरे पर्यटन को फिर से पटरी पर...'
सीएम अब्दुल्ला ने कहा, 'हमने पर्यटन को उस समय पुनर्जीवित किया जब हमें लोगों से ये कहना पड़ रहा था कि आप कश्मीर आ सकते हैं, लेकिन आप दूधपथरी या यूसमर्ग नहीं जा सकते. हमें पर्यटकों से ये भी कहना पड़ा कि आप गोंडोला (केबल कार) से ऊपर जा सकते हैं, लेकिन आप सड़क के दाहिनी ओर स्थित ढाबों से आगे नहीं जा सकते. फिर भी, हम धीरे-धीरे पर्यटन को फिर से पटरी पर ले आए.'
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जम्मू-कश्मीर में खुलेंगे 9 नए टूरिस्ट स्पॉट
उमर अबदुल्ला ने बताया कि उनकी सरकार नए पर्यटन स्थल खोलने की तैयारी में है. केंद्र की सलाह से एक केंद्र वित्तपोषित योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में 9 नए स्पॉट खोलेंगे. उनके नाम धीरे-धीरे जारी किए जाएंगे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जम्मू के लोगों को शिकायत का कोई कारण नहीं मिलेगा और जम्मू को उसका उचित हिस्सा मिलेगा.
जम्मू रिवरफ्रंट और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने जम्मू के विकास पर बात करते हुए कहा कि जम्मू झील और रिवरफ्रंट जैसे प्रोजेक्ट पूरे होने के करीब हैं. उन्होंने माना कि गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग जैसे खूबसूरत स्थानों पर अभी भी शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है, जिसे सरकार दूर करेगी.
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वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं पर की बात
अब्दुल्ला ने जम्मू के आर्थिक विकास के लिए वैष्णो देवी आने वाले एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि अगर इनमें से 10 प्रतिशत (करीब 10 लाख) पर्यटकों को भी जम्मू के अन्य क्षेत्रों जैसे भद्रवाह या बॉर्डर टूरिज्म की ओर आकर्षित कर सकें, तो ये जम्मू की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बदल सकता है.