शिमला के संजौली इलाके में एक मस्जिद विवाद को केंद्र बन गई है. हिंदू संगठन और स्थानीय लोग मस्जिद पर चार नई मंजिलें बनाने का विरोध कर रहे हैं. उनका दावा है कि इन मंजिलों को अवैध रूप से बनाया गया है और इसे गिराने की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर हिंदुओं ने 11 सिंतबर को शिमला के संजौली में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों की सुरक्षाकर्मियों से झड़पें हुईं. भीड़ ने बैरिकेड तोड़ दिए. पुलिस ने लोगों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की और लाठीचार्ज किया.
कांग्रेस सूत्रों की मानें तो मस्जिद विवाद को लेकर पार्टी हाईकमान ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की खिंचाई की है. पार्टी आलाकमान का मानना है कि अनावश्यक रूप से इस मुद्दे को बढ़ने दिया गया है, जिससे भाजपा को हिमाचल प्रदेश में ध्रुवीकरण करने का मौका मिल गया है, जहां मुस्लिम आबादी केवल दो प्रतिशत है. कांग्रेस हाईकमान ने कहा कि सुक्खू सरकार यह सुनिश्चित कर सकती थी कि जिला प्रशासन मामले को नियंत्रण से बाहर नहीं जाने देगा. सीएम को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि भाजपा इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ न उठाए पाए.
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संजौली में हिंदू समुदाय ने किया उग्र विरोध प्रदर्शन
सैकड़ों प्रदर्शनकारी 11 सितंबर को 'हिमाचल ने ठाना है, दूवभूमि को बचाना है', 'भारत माता की जय', 'जय श्री राम' और 'हिंदू एकता जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए, सब्जी मंडी ढली में एकत्र हुए. शिमला में निषेधाज्ञा (भारतीय न्याय संहिता की धारा 163) लागू थी और प्रशासन ने कार्रवाई की चेतावनी दी थी, जिसको नजरअंदाज करते हुए प्रदर्शनकारी अपना विरोध दर्ज कराने के लिए संजौली की ओर मार्च किया और ढली सुरंग के पास लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ दिया. जैसे ही प्रदर्शनकारी संजौली पहुंचे, उन्होंने मस्जिद के पास लगे दूसरे बैरिकेड को भी तोड़ दिया.
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निर्माण अवैध हुआ तो गिराएंगे: विक्रमादित्य सिंह
पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया. हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने लोगों से शांति की अपील की और कहा कि राज्य सरकार मस्जिद विवाद पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा, 'यह एक संरचना का मामला नहीं है, बल्कि चार-पांच हजार से अधिक ऐसी संरचनाएं हैं. मामला पिछले 14 वर्षों से नगर निगम आयुक्त की अदालत में लंबित है. इसकी सुनवाई में तेजी लाने के प्रयास किए जाएंगे. अगर अवैध निर्माण साबित हुआ तो हम उसे ढहाएंगे.'
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इस मामले में कानून अपना काम करेगा: CM सुक्खू
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने भी प्रदर्शनकारियों से निषेधाज्ञा का उल्लंघन नहीं करने की अपील की. उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, 'अनधिकृत मस्जिद का मामला बहुत संवेदनशील है और इसे गंभीरता से निपटाया जाना चाहिए. क्योंकि तनाव राज्य के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है.' मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, 'जहां तक मस्जिद का सवाल है, कुछ मंजिलों के अनधिकृत या अवैध निर्माण का मामला नगर निगम आयुक्त की अदालत में लंबित है. इस मामले में कानून अपना काम करेगा. हम नगर निगम आयुक्त की अदालत से इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय के लिए अनुरोध करेंगे.'