हरियाणा के नूंह में साइबर ठगी के एक मामले में पुलिस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में छत से कूद गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. आरोपी के दोनों पैरों में फ्रैक्चर हुआ है. उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है. घटना के बाद पुलिस अब पूरे साइबर फ्रॉड नेटवर्क की गहन जांच में जुट गई है.
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी से जुड़े केस में आरोपी परवेज अहमद निवासी झारपूरी गांव की गिरफ्तारी के लिए शनिवार को पुलिस टीम पहुंची थी. जैसे ही पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, उसने घर की छत से छलांग लगा दी. नीचे गिरते ही वह गंभीर रूप से घायल हो गया. पुलिस टीम ने तुरंत उसे पकड़ा और नलहड़ अस्पताल पहुंचाया, जहां जांच में दोनों पैरों में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई.
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जांच में सामने आया है कि परवेज अहमद साइबर ठगी के इस नेटवर्क में मनी ट्रांजेक्शन की कड़ी के रूप में काम कर रहा था. उसने पहले से गिरफ्तार आरोपी हुसैन से एक फर्जी बैंक खाता हासिल किया था. साइबर ठगी के पैसे इसी खाते में ट्रांसफर करवाए जाते थे. इसके बदले परवेज कमीशन लेता था और रकम को कैश निकालकर आगे पहुंचाता था. पुलिस के मुताबिक, इस तरीके का इस्तेमाल ठगी की रकम को घुमाकर व्हाइट करने, यानी मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था.
यह मामला पिछले साल दिसंबर में दर्ज किया गया था, जब पुलिस ने इसी गांव के रहने वाले फखरुद्दीन को साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया था. उसी गिरफ्तारी के बाद से पुलिस लगातार नेटवर्क की परतें खोल रही है और जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है. अब तक इस केस में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.
झारखंड के जामताड़ा के बाद हरियाणा का नूंह जिला भी साइबर अपराध के बड़े हॉटस्पॉट के रूप में उभरा है, जहां से संचालित गिरोह देशभर में ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम देते रहे हैं. पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.