दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में मोस्ट वांटेड गैंगस्टर जोगिंदर को गिरफ्तार किया है. जोगिंदर को पहले फिलीपींस से डिपोर्ट कराया गया, इसके बाद दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया. बताया जाता है कि जोगिंदर वहां बैठकर लंबे समय से भारत में अपराध को अंजाम दिलवा रहा था.
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जानकारी के अनुसार जोगिंदर को 15 मामलों में दोषी करार दिया जा चुका है. जिसमें से 5 हत्या के मामले भी शामिल हैं. ऑपरेशन को अंजाम देने वाले एक अधिकारी ने बताया कि जोगिंदर मोस्ट वांटेड गैंगस्टर था. पिछले कई वर्षों से फिलीपींस में बैठा था. वहां से वो भारत में हत्या, लूट, उगाही से जैसे अपराधों को अंजाम दिलवाता था.
एडिशनल सीपी स्पेशल सेल प्रमोद कुमार कुशवाह ने बताया कि दिल्ली पुलिस और हरियाणा एसटीएफ का संयुक्त अभियान था. जोगिंदर ग्योंग को फिलीपींस से डिपोर्ट करके कल यहां लाया गया था, उसकी गिरफ्तारी दर्ज की गई. जोगिंदर ग्योंग कौशल चौधरी का सक्रिय सहयोगी था. उसका भाई सुरिंदर ग्योंग कौशल चौधरी का करीबी सहयोगी था. सुरिंदर ग्योंग की 2017 में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई थी. उसके बाद जोगिंदर ग्योंग नेपाल के रास्ते फिलीपींस चला गया था.
वह कौशल चौधरी के नेटवर्क को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा था. यह हमारे लिए चिंता का एक बड़ा कारण था क्योंकि कौशल चौधरी का पंजाब में 3 मामलों में सक्रिय जुड़ाव पाया गया था, जिसमें आतंकी नेटवर्क के निशान थे - चाहे वह गुरलाल बराड़ की हत्या हो या विक्की मिड्डूखेड़ा या संदीप नांगल अंबियन की. इन हत्याओं में अर्श दल्ला, लकी पटियाल की भूमिका थी.
कौशल चौधरी ने शूटरों को रसद मुहैया कराई. चूंकि कौशल चौधरी इससे सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था और वह (जोगिंदर ग्योंग) चौधरी का खास सदस्य था. उस पर नज़र रखी गई और हरियाणा पुलिस के साथ सक्रिय खुफिया जानकारी साझा की गई. इसके बाद उसे फिलीपींस में पाया गया और न्यायिक प्रक्रिया के बाद उसे वहां से डिपोर्ट किया गया.