
जिस उम्र में लोग रिटायर्ड होकर आराम की जिंदगी जीना पसंद करते हैं, उस उम्र में रामकिशन शर्मा रेस और मैराथन में भाग लेते हैं. जब से उन्होंने मैराथन और रेस में भाग लेना शुरू किया है. तब से वे 2 हजार से ज्यादा मेडल-अवार्ड जीत चुके हैं. जीते गए मेडल में 300 गोल्ड भी शामिल हैं. धावक रामकिशन शर्मा हरियाणा के चरखी दादरी के रहने वाले हैं.
जब Aajtak की टीम ने बात की तो रामकिशन शर्मा से बताया, एक दिन वह अपने पोते को खिलाने के लिए पास के ही मैदान ले गए थे. वहां सीनियर सिटीजन की रेस हो रही थी. रेस के आयोजकों ने मुझसे भी शामिल होने को कहा. मैंने बोला कि मेरी उम्र 65 साल है. इस पर आयोजक बोलने लगे कि आपको जीतना थोड़े ही है. लोग कम हैं तो आप तो बस शामिल हो जाइए. खैर, फिर मैं रेस में उतरा और रिकॉर्ड टाइम के साथ जीत भी गया. वहां मौजूद सभी लोग हैरान हो गए. सभी ने मुझे शुभकामनाएं दीं और बहुत सराहा.

फिर बढ़ा रेस का शौक
धावक रामकिशन कहते हैं, पहली जीत के बाद मुझे दौड़ने का शौक लग गया. 65 साल की उम्र से रेस में भाग लेना शुरू किया और आज 72 का हो गया हूं. बीते 7 सात साल से कई रेसों में भाग लेता आ रहा हूं और रेस में जीतने का सिलसिला भी चला आ रहा है.
जीत चुके हैं 2 हजार मेडल-अवॉर्ड
उन्होंने बताया कि बीते सात साल में अब तक 2 हजार दौड़ में भाग ले चुका हूं और सभी में जीता हूं. घर में 2 हजार के करीब मेडल, अवॉर्ड मौजूद हैं. जिनमें से 300 गोल्ड मेडल हैं. उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार उनको सम्मानित कर चुकी है.

हर रोज करते हैं प्रैक्टिस
रामकिशन खुद को फिट रखने के लिए हर रोज रनिंग की प्रैक्टिस करते हैं. वे सुबह रनिंग पर जाते हैं. एक्सरसाइज करते हैं. हेल्दी डाइट लेते हैं. उनसे इंस्पायर होकर कई सीनियर सिटीजन ऐसे हैं जिन्होंने कसरत करना शुरू कर दिया है. रामकिशन के दोस्त वीरेन्द्र आर्य कहते बताते हैं कि इस उम्र में आकर ये ऐसे रिकॉर्ड बनाएंगे, हमें शुरूआत में यकीन ही नहीं था. वे हर रोज खूब वर्जिश करते हैं और हमें भी करवाते हैं.
हरियाणा और देश का नाम रोशन करने का है सपना
रामकिशन शर्मा कहते हैं कि अब उनका सपना भारत देश का नाम विदेश में रोशन करने का है. वे दूसरे देशों में होने वाली रेसों में शामिल होकर देश के लिए गोल्ड जीतना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है.