हरियाणा के मुख्यमंत्री ने नायब सिंह सैनी ने विधान सभा में साल 2026-27 का बजट पेश किया है. मुख्यमंत्री ने 2,23,658.17 करोड़ का बजट पेश किया है. यह पिछले बजट (2,02,816.66 करोड़) से 10.28% ज्यादा है. सैनी ने बताया कि इस बजट में राजकोषीय घाटा ₹40,293.17 करोड़ (जीडीपी का 2.65%), राजस्व घाटा 0.87%, प्रभावी राजस्व घाटा 0.41%, पूंजीगत व्यय 1.86%, प्रभावी पूंजीगत व्यय 2.32% है.
CM सैनी ने बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना है, बल्कि वित्तीय रूप से भी मजबूत राष्ट्र के रूप में उभरा है. 1.4 अरब नागरिकों की ऊर्जा और सामर्थ्य के कारण भारत GDP रैंकिंग में लगातार आगे बढ़ रहा है.
1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था
हरियाणा ने साल 2047 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है. मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के घोषणापत्र के वादों को बजट में शामिल किया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए गुरुग्राम में समाज के कई वर्गों से विचार-विमर्श किया गया है.
बैठकों में 2,000 से अधिक सुझाव मिले, जबकि ईमेल और पत्रों के माध्यम से भी सुझाव मिले. विस्तृत चर्चा के बाद लगभग 5,000 सुझावों को बजट में शामिल किया गया है, जिसमें 12 प्रमुख प्रस्ताव शामिल हैं.
2031 तक के प्रमुख लक्ष्य:
राजकोषीय प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्रगति का आकलन राजकोषीय घाटे के प्रबंधन से होता है. उन्होंने बताया कि 2005 से 2014 के बीच राजकोषीय घाटा ₹286 करोड़ से बढ़कर ₹12,000 करोड़ हो गया था, जबकि 2014 से 2024 के बीच इसमें केवल 2.75% की वृद्धि हुई.
प्रमुख विभागों के लिए बजट आवंटन:
मानव विकास के तहत: