हरियाणा में जाट आंदोलन ने बिगड़ते हालात और उसके दिल्ली पर पड़ते असर को देखकर सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर चिंता जताई. उन्होंने लिखा कि दिल्ली पर जाट आंदोलन का बुरा असर पड़ रहा है, खासकर दिल्ली में पानी सप्लाई पर. उन्होंने कहा कि मैंने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलने का वक्त मांगा है. केजरीवाल ने फोन पर राजनाथ सिंह और हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर से बात की. खट्टर ने जल्द ही मुनक नहर पर सेना भेजने का भरोसा दिलाया है.
Am worried about impact of Jat agitation on Delhi esp Delhi's water supply. Sought time from Rajnath ji.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
राजनाथ सिंह के घर हुई हाई लेवल मीटिंग
इसके पहले राजनाथ सिंह ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बात की. दोनों नेताओं ने प्रदेश में शांति बनाए रखने की अपील की. इसके बाद शनिवार सुबह राजनाथ सिंह के आवास पर दोबारा उच्च स्तरीय बैठक हुई. बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरुण जेटली, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू और चौधरी वीरेंद्र सिंह बैठक में शामिल हुए.
राहुल गांधी ने भी की शांति की अपील
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हरियाणा के लोगों से भाईचारा बनाए रखने की अपील की. उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'मैं हरियाणा के लोगों से अपील करता हूं कि शांति और भाईचारे का माहौल बनाये रखें. आपसी मेल-जोल और बात-चीत से ही हर समस्या का हल निकल सकता है.' हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.
मैं हरियाणा के लोगों से अपील करता हूँ की शांति व भाईचारे का माहौल बनाये रखें।आपसी मेल-जोल और बात-चीत से ही हर समस्या का हल निकल सकता है
— Office of RG (@OfficeOfRG)
देेखते ही गोली मारने के आदेश
आंदोलनकारियों ने फिलहाल सरकार के किसी भी पेशकश को मानने से इनकार कर दिया है. रोहतक, हिसार, कैथल, जींद, पानीपत, सोनीपत समेत 9 शहरों में सेना ने कमान संभाल ली है. आंदोलनकारियों से समझौते की हरसंभव कोशिश की जा रही है. वहीं हालात बिगड़ने पर शूट एट साइट का आदेश भी दे दिया गया है. हालांकि, कहीं भी इसका असर देखने को नहीं मिल रहा है.
हालात पर नजर बनाए हैं कई केंद्रीय मंत्री
ने दिल्ली जाने वाली सड़कों, रेलवे ट्रैक और पानी की नहर को ठप करने की शुरुआत कर दी है. इन मुश्किलों पर केंद्र सरकार लगातार नजर बनाए हुए है.
बजट सत्र से पहले किसी भी तरह हालात सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही है. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री
मनोहर लाल खट्टर से बात की. शुक्रवार रात इस मसले पर दिल्ली में राजनाथ सिंह के आवास पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरुण जेटली और रक्षा मंत्री
मनोहर पर्रिकर ने अहम बैठक की.
एक्शन में आए गृह मंत्री राजनाथ सिंह
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पुलिस फायरिंग में हुई तीन लोगों की मौत पर दुख जताया है. उन्होंने आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में नहीं लेने
की अपील की. राजनाथ ने बातचीत के रास्ते से समाधान निकालने की बात कही. सीएम खट्टर ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील के साथ ही जाटों की सभी मांगों
पर गंभीरता से विचार का वादा भी किया. हालांकि, उनकी पेशकश जाट नेताओं ने ठुकरा दी और रखने का फैसला किया है.
बीजेपी सांसद ने वापस लिया बयान
जाट आरक्षण पर बयान देने वाले कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी ने नाराजगी के बाद अपना बयान वापस लेने पर राजी हो गए हैं. इसके पहले मुख्यमंत्री खट्टर ने भरोसा
दिलाया था कि बीजेपी सांसद राजकुमार सैनी जाटों को लेकर दिया अपना बयान वापस लेंगे. सैनी ने कहा था कि अगर जाटों को आरक्षण दिया गया तो वह इस्तीफा दे
देंगे. उन्होंने किसी भी तरह के आरक्षण का विरोध किया था.
खट्टर चाहते हैं स्थायी समाधान
जाट आंदोलन का हिंसक रुख और बेकाबू हो जाते हालात को देखकर खट्टर ने शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक बुलाकर मामले पर विचार किया. खट्टर ने कहा है कि सरकार इस
मुद्दे का चाहती है. बैठक में ही उन्होंने जाट आरक्षण पर कमिटी बनाने का ऐलान कर दिया. यह नवगठित कमिटी 31 मार्च तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगी.
साथ आया विपक्ष
मुख्यमंत्री खट्टर के भरोसा दिलाने के बाद कांग्रेस और आईएनएलडी के जाट नेताओं ने भी आंदोलन वापिस लेने की अपील की. हरियाणा सरकार ने कहा कि जाटों को
आरक्षण देने के लिए राज्य सरकार नया बिल लाएगी. इसके लिए सीएम ने विपक्ष से मदद भी मांगी. फिलहाल सरकार ने इसके लिए कोई समयसीमा नहीं दी है.