जाट समुदाय के नेताओं और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच आरक्षण के मुद्दे पर हुई वार्ता का कोई ठोस नतीजा न निकलने के कारण प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को भी आंदोलन जारी रखा. रोहतक शहर के आसपास और सोनीपत, हिसार, भिवानी और जींद जिलों के अन्य स्थानों पर सड़क और रेल मार्गो को बाधित किया गया.
जाट नेताओं ने कहा कि जब तक खट्टर सरकार सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में जाट समुदाय के लिए आरक्षण की मांग पर कोई ठोस फैसला नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
बैठक में भाग लेने वाले जाट नेता सतबीर पुनिया ने कहा, 'खट्टर सरकार ने मामले को सुलझाने का कोई संकेत नहीं दिया है और बुधवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक में उन्होंने इस मसले में कोई ठोस प्रस्ताव नहीं दिया.'
हरियाणा सरकार ने जाट नेताओं से मुलाकात के बाद आर्थिक पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) में आरक्षण को दोगुना करते हुए उसे 20 प्रतिशत करने की घोषणा की लेकिन जाट नेताओं ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है.
मुख्यमंत्री ने आरक्षण का लाभ लेने के लिए वार्षिक आय सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर छह लाख करने की भी घोषणा की ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके.
रोहतक और अन्य प्रभावित जिलों में और उनके आसपास अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है.
आंदोलनकारियों ने रोहतक शहर के आसपास सड़क और रेल मार्ग को अवरूद्ध कर रखा है. इसके अलावा झज्जर, सोनीपत, हिसार, भिवानी, कैथल और जींद जिलों में आन्दोलनकारियों ने रेल मार्ग अवरूद्ध कर रखा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यहां तक कि रोहतक में कोई सरकारी रोडवेज की बस भी प्रवेश नहीं कर पा रही है.
रोहतक के एक कॉलेज छात्र रोहतास कुमार ने बताया, 'कई जगहों पर आन्दोलनकारियों ने ट्रक और दूसरे वाहनों को खड़ा कर मार्ग अवरूद्ध कर दिया, कई जगहों पर पेड़ों को काटकर और बड़े-बड़े पत्थरों से रास्ता रोक दिया गया है. ऐसा लगता है कि हरियाणा पुलिस और प्रशासन मूक दर्शक बने हुए हैं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.'
रेलों को रद्द किए जाने और उनका मार्ग बदले जाने के कारण पंजाब और हरियाणा के आसपास की जगहों पर भी लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
मार्ग अवरुद्ध किए जाने के कारण बुधवार को अंबाला और फिरोजपुर में 25 रेलगाड़ियां रद्द कर दी गई थीं.
अंबाला डिवीजन के एक वरिष्ठ रेल अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, 'रेलवे को 25 से ज्यादा ट्रेनों को रद्द करने से करोड़ों का नुकसान हुआ है.'
राष्ट्रीय राजमार्ग-10 और 71 तथा कई अन्य राष्ट्रीय राजमार्गो को भी अवरुद्ध किया गया.
वहीं, खट्टर ने एक बार फिर गुरुवार को आंदोलनकारियों से मार्ग खोलने की गुजारिश की. खट्टर ने यहां कहा, 'मैं जाट आन्दोलनकारियों को नाकाबंदी खत्म करने की गुजारिश करता हूं. सरकार इस मुद्दे को सुलझाने की पूरी कोशिश कर रही है.'
इनपुट...IANS.