गुजरात के सूरत शहर में कुछ दिन पहले एक सरकारी गार्डन में नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल हुआ था. उसके बाद हिंदू संगठन वालों ने उस जगह पर गंगाजल छिड़क कर हनुमान चालीसा का पाठ किया था. यह विवाद अभी थमा भी नहीं था कि एक और विवाद सामने आया है.
सूरत के पर्वत पाटिया इलाके में एक फैक्ट्री मालिक द्वारा फर्श पर छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर वाले पोस्टर को बिछाकर रखा गया था जिस पर फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी चलते फिरते थे और नाश्ता पानी करते थे. यह खबर जब हिंदू संगठन बजरंग सेना को लगी तो वहां मौके पर पहुंचे और फैक्ट्री मालिक से पोस्टर हटाने की मांग की थी लेकिन फैक्ट्री मालिक नहीं माना था. अंत में हिंदू संगठन वालों ने पुलिस को सूचना दी और मौके पर पहुंची पुलिस ने उस पोस्टर को फ़र्श से हटवा कर फैक्ट्री मालिक से पुलिस थाने ले जाकर माफी पत्र लिखवाया था .
बजरंग सेना के सूरत शहर मंत्री ललित मेवाडा ने बताया कि उनके संगठन के एक कार्यकर्ता द्वारा पर्वत पाटिया इलाके के डीआर वर्ल्ड के पास एक छोटी सी फैक्ट्री में छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर वाला पोस्टर फर्श पर बिछाकर उस पर फैक्ट्री के कर्मचारी चल रहे थे, जिसकी जानकारी मिली उसके बाद वह मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने अपने तरीके से फैक्ट्री के मालिक का संपर्क किया था लेकिन उसने फ़र्श से पोस्टर को हटाने से मना कर दिया था और कहा था कि तुम्हें जो करना है करो उनकी फैक्ट्री है और वह पोस्टर लगाए हैं.
इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया था. पुलिस ने उस छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर वाले पोस्टर को हटा दिया है. उनका कहना है कि फैक्ट्री हिंदू की है जबकि इस में काम करने वाले कर्मचारी मुस्लिम है और वह कर्मचारी उसके ऊपर से चला फिरा करते थे. जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई है. क्योंकि आज छत्रपति महाराज की वजह से ही हम हिंदू सुरक्षित है .