गुजरात के सूरत की एक अदालत ने फिल्म निर्माता और अभिनेता अनुराग कश्यप के खिलाफ ब्राह्मण समुदाय पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर आपराधिक मामला दर्ज करने का आदेश दिया है. अदालत ने सोशल मीडिया पर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर दायर निजी शिकायत पर सुनवाई के बाद यह निर्देश दिया.
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने अधिवक्ता और विश्व हिंदू परिषद नेता कमलेश रावल की ओर से दायर शिकायत को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया.
कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि आरोपी की सोशल मीडिया पोस्ट को इस तरह प्रसारित किया गया, जिससे एक विशेष समुदाय की मानहानि हुई और सामाजिक वैमनस्य फैलने की आशंका है.
अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना), धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और धारा 353(2) (झूठी जानकारी प्रसारित करना) के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया है.
क्या है शिकायतकर्ता का आरोप?
शिकायतकर्ता कमलेश रावल का आरोप है कि अनुराग कश्यप ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर ब्राह्मण समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे पूरे समुदाय की भावनाएं आहत हुईं. शिकायत में यह भी कहा गया कि विरोध में की गई एक पोस्ट पर उनका जवाब भी आपत्तिजनक था और उससे पूरे ब्राह्मण समाज का अपमान हुआ.
शिकायत के अनुसार, पिछले वर्ष 16 अप्रैल को फिल्म फुले के ट्रेलर को लेकर ऑल इंडिया ब्राह्मण समाज ने आपत्ति जताई थी. इसके बाद अनुराग कश्यप ने सोशल मीडिया पर कथित रूप से ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ टिप्पणी की थी.
शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि अनुराग कश्यप पहले भी हिंदू समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुके हैं.
मामले में अदालत की ओर से कई बार समन भेजे गए, लेकिन आरोपी के पेश न होने पर गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था. फिलहाल अदालत के आदेश के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है.