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शहद लेने जा रहा था युवक, शवकों के साथ झाड़ियों में छुपी बैठी थी शेरनी, फिर...

गिर सोमनाथ जिले के बोड़ीदर गांव में शहद लेने गए एक युवक पर शेरनी ने हमला कर दिया. घायल युवक को गिर गढ्डा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना के बाद वन विभाग ने दो शेरनी और दो शावकों को पकड़कर जशाधार एनिमल केयर सेंटर भेज दिया है. हमले की असली वजह की जांच जारी है.

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 शेरनी ने युवक पर किया हमला (Photo: Screengrab)
शेरनी ने युवक पर किया हमला (Photo: Screengrab)

गुजरात के गिर सोमनाथ जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां गिर गढ्डा तहसील के बोड़ीदर गांव में एक युवक पर शेरनी ने हमला कर दिया. घायल युवक को तुरंत इलाज के लिए गिर गढ्डा सिविल अस्पताल ले जाया गया. घटना के बाद इलाके में डर का माहौल बन गया.

जानकारी के अनुसार 14 मार्च की दोपहर करीब एक बजे बोड़ीदर गांव के खेतीवाड़ी इलाके में रमेश वाघेला नाम का युवक शहद लेने के लिए झाड़ियों की तरफ गया था. रमेश वाघेला देवी पूजक समुदाय से संबंध रखता है. उसे यह पता नहीं था कि जिस झाड़ियों के पास वह शहद इकट्ठा करने पहुंचा है, वहां दो शेरनी और उनके दो शावक मौजूद हैं.

शेरनी ने युवक को हमला कर किया घायल 
 

जब रमेश वाघेला शहद इकट्ठा कर रहा था, तभी पीछे से एक शेरनी ने उस पर हमला कर दिया. अचानक हुए हमले से रमेश वाघेला की चीख निकल गई. उसकी आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे और शोर मचाने लगे. लोगों की आवाज सुनकर शेरनी रमेश को छोड़कर वहां से भाग गई.

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की जशाधार रेंज की टीम मौके पर पहुंची. फॉरेस्ट विभाग की रेस्क्यू टीम ने शेरनी को पकड़ने के लिए घटना स्थल के पास पिंजरे लगा दिए. 14 मार्च की रात को चारे के लालच में एक शेरनी पिंजरे में कैद हो गई.

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हालांकि उस समय यह साफ नहीं हो पाया कि हमला करने वाली शेरनी कौन थी. इसलिए अगले दिन यानी 15 मार्च को वन विभाग की टीम ने दूसरी शेरनी और उसके शावकों को पकड़ने के लिए फिर से पिंजरे लगाए. देर रात दूसरी शेरनी और दोनों शावक भी अलग अलग पिंजरों में कैद हो गए.

घायल युवक को गिर गढ्डा सिविल अस्पताल में कराया गया भर्ती

वन विभाग की टीम ने दो दिन के भीतर बोड़ीदर गांव से दो शेरनी और दो शावकों समेत कुल चार शावकों को पकड़ लिया और उन्हें जशाधार एनिमल केयर सेंटर भेज दिया गया. इस मामले में जशाधार रेंज के फॉरेस्ट अधिकारी भरवाड़ ने बताया कि यह हमला अचानक हुआ था और शेरनी का इंसान को शिकार बनाने का इरादा नहीं था. उन्होंने बताया कि जिस शेरनी ने हमला किया, उसने इंसानी मांस या खून नहीं खाया है. इसलिए खून या दांत के नमूनों से हमलावर शेरनी की पहचान करना मुश्किल है.

फुट मार्क के आधार पर हमलावर शेरनी की पहचान की कोशिश

फॉरेस्ट टीम ने उस जगह के फुट मार्क भी लिए हैं जहां हमला हुआ था. अधिकारियों के अनुसार जिन फुट मार्क मिले हैं वे थोड़े बड़े हैं. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि जिस शेरनी के साथ बच्चे थे वही बड़ी शेरनी हो सकती है और उसी ने हमला किया होगा. हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी. फिलहाल वन विभाग इस पूरे मामले की जांच कर रहा है.
 

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रिपोर्ट- दिलीपभाई पंजाभाई मोरी
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