गुजरात के भावनगर में दलबदल का एक अनोखा घटनाक्रम सामने आया. भाजपा की महिला पार्षद सेजलबेन गोहिल ने पहले कांग्रेस का दामन थामा और फिर कुछ ही घंटों के भीतर भगवा पार्टी में वापसी कर ली. इस घटनाक्रम ने दोनों पार्टियों के बीच तीखी बयानबाजी छेड़ दी है.
वडवा (बी) वार्ड की पूर्व पार्षद सेजलबेन गोहिल ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस जॉइन की थी. यह कार्यक्रम भावनगर नगर निगम चुनाव से पहले आयोजित किया गया था, जहां कांग्रेस ने अपने वादों का भी ऐलान किया. कांग्रेस ने इसे बीजेपी के लिए झटका बताया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए सेजलबेन ने बीजेपी छोड़ने की वजह सुरक्षा को बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और उन्हें अपने क्षेत्र में शराब माफिया से धमकियां मिली थीं. उनका कहना था कि एक पार्षद होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा या समर्थन नहीं मिला.
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हालांकि, कांग्रेस में शामिल होने के महज दो-तीन घंटे बाद ही उन्होंने यू-टर्न लेते हुए फिर से बीजेपी जॉइन कर ली. वापसी के बाद सेजलबेन ने कांग्रेस नेताओं पर उन्हें गुमराह करने और दबाव डालने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'मुझे बहकाया गया था, लेकिन अब मुझे अपनी गलती का एहसास हो गया है और मैं अपने घर लौट आई हूं.'
वहीं, भावनगर शहर के कांग्रेस अध्यक्ष मनहरसिंह गोहिल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि सेजलबेन खुद अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस कार्यालय आई थीं और बिना किसी शर्त के पार्टी में शामिल हुई थीं. उनके मुताबिक, किसी भी नेता ने उन पर कोई दबाव नहीं डाला.
गुजरात में 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तहसील पंचायत के चुनावों के लिए 26 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. वोटिंग की टाइमिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी. अगर राज्य में कहीं भी दोबारा वोटिंग की जरूरी होगी, तो इसे 27 अप्रैल को कराया जाएगा. नतीजे 28 अप्रैल को घोषित होंगे.