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गुजरात के इस गांव में 20 दिनों में 90 लोगों की गई जान, लोगों ने खुद ही लगाया लॉकडाउन

भावनगर जिले स्थित चोगढ़ गांव की आबादी 13 हजार है. इस गांव में कोरोना की वजह से पिछले 20 दिनों में अब तक 90 लोगों की मौत हो चुकी है. पिछले 20 दिनों से इस गांव के श्मशान में चिता नहीं बुझी है. कोरोना के कहर ने इस पूरे गांव की चिंता बढ़ा दी है.

लगातार जल रही है श्मशान की आग (फोटो- आजतक) लगातार जल रही है श्मशान की आग (फोटो- आजतक)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अब गांवों में भी तेजी से फैल रहा कोरोना
  • गांव में कोरोना टेस्टिंग की नहीं है व्यवस्था
  • प्रत्येक दिन 5-6 लोगों की हो रही है मौत

एक ओर कोरोना की दूसरी लहर ने बड़े-बड़े शहरों को अपनी चपेट में लिया है. वहीं इस बार गांव भी कोरोना की चपेट में है. खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि गांव तक करोना ना फैले इसका ख्याल रखना होगा. लेकिन अब गुजरात में हालात ये हे कि कोरोना गांव तक फैल चुका है. अब तक कई गांवों में कोरोना की वजह से लोगों की जान जाने की खबर आ रही हैं. 

ऐसा ही एक गांव है चोगढ. भावनगर जिले स्थित चोगढ़ गांव की आबादी 13 हजार है. इस गांव में कोरोना की वजह से पिछले 20 दिनों में अब तक 90 लोगों की मौत हो चुकी हैं. पिछले 20 दिनों से इस गांव के श्मशान में चिता नहीं बुझी है. कोरोना के कहर ने इस पूरे गांव की चिंता बढ़ा दी है. गांव में ऐसा कोई अस्पताल नहीं है, जहां पर लोग अपना टेस्ट करवा पाएं या वक्त रहते उन्हें ट्रीटमेन्ट दिया जा सके. हालात कुछ ऐसे हैं कि गांव में प्रत्येक दिन 5 से 6 लोगों की मौत हो रही है.  

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का कहना है कि गांव में कोरोना संक्रमण को रोकना गुजरात सरकार की प्रथमिकता है. गांव में आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएं. स्कूलों या पंचायत दफ्तर का इस्तेमाल आइसोलेशन सेन्टर के तौर पर किए जाएं. अगर किसी ग्रामीण में बुखार या कोरोना के प्राथमिक लक्षण दिखाई देते हैं तो उन्हें आइसोलेशन सेंटर में भर्ती किए जाएं. हालांकि अब तक यहां कोविड केयर सेन्टर शुरू नहीं हुआ है. इस वजह से लोगों को पता ही नहीं चलता हे कि उनका ऑक्सीजन लेवल कब कम हो गया. जब तक उन्हें अस्पताल पहुंचाने के बारे में सोचा जाता है उसकी मौत हो जाती है. 

भावनगर जिले के चोगढ गांव के श्मशान में अंतिम क्रिया का काम करने वाले निवृत शिक्षक गिरिजाशंकर का कहना है कि पिछले 20 दिनों में 90 से 100 लोगों का अंतिम संस्कार इसी गांव में किया गया है. एक भी ऐसा दिन नहीं गुजरा जब श्मशान की आग बुझी हो. 

गांव में हो रही लगातार मौतों से लोगों में डर का माहौल है. गांव के लोगों ने खुद ही यहां पर लॉकडाउन घोषित कर दिया है. हालात ये है कि गांव में ज्यादतर घर के अंदर एक या दो लोग कोरोना संक्रमित हैं. 

हालांकि भावनगर के जिला विकास अधिकारी वरुण बर्नावाल यह मानने को तैयार नहीं है कि यहां पिछले 20 दिनों में 90 लोगों की मौत हुई है. लेकिन ये बात जरूर कह रहे हैं कि चोगढ गांव में केस ज्यादा हैं और इस वजह से यहां पर धनवंतरी रथ के साथ 8 मेडिकल टीम को तैनात किया गया है. साथ ही ज्यादा से ज्यादा लोगों की टेस्टिंग और ट्रेसिंग की जा रही है ताकि गांव में कोरोना के मामले में कमी आ सके.  

 

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