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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्कूल पर लगा ताला, बनेगा म्यूजियम

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने राजकोट कि जिस अल्फ्रेड हाई स्कूल से पढ़ाई की थी. उस स्कूल पर इस वर्ष हमेशा-हमेशा के लिए ताला लगाने का फैसला लिया गया है. इस स्कूल को राज्य सरकार ने म्यूजियम में बदलने का फैसला लिया है. जारी है विरोध.

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गांधीजी का स्कूल
गांधीजी का स्कूल

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने राजकोट कि जिस अल्फ्रेड हाई स्कूल से पढ़ाई की थी. उस स्कूल पर इस वर्ष हमेशा-हमेशा के लिए ताला लगाने का फैसला लिया गया है. इस स्कूल को राज्य सरकार ने म्यूजियम में बदलने का फैसला लिया है.

राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने एक नोटिफिकेशन के माध्यम से सूचित किया है कि अब इस स्कूल को गांधीजी के निमित्त एक म्यूजियम बनाया जाएगा. गौरतलब है कि इस स्कूल में आज भी 150 छात्र पढ़ाई करते हैं. स्कूल बंद किए जाने के ऐलान के बाद इन सभी छात्रों को स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट दिया गया है और यहां पढ़ रहे छात्रों को करन सिंह स्कूल में दाखिल करवाया गया है. जिन छात्रों को दाखिला नहीं मिला उन्हें दूसरे स्कूल ढूंढने की बात कही गई है. इस बात से अभिभावक नाराज हैं. हालांकि स्कूल के स्टाफ करन सिंह स्कूल स्थानांतरित कर दिए गए हैं.

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गौरतलब है कि 1853 में निर्मित अल्फ्रेड हाई स्कूल में गांधीजी ने अपनी प्राथमिक शिक्षा ली थी. आज स्कूल को बंद कर राज्य सरकार यहां 12 करोड के खर्च से म्यूजियम बनाने जा रही है. हालांकि इस म्यूजियम को लेकर स्कूल के प्रिंसिपल एमएम निमावत कहते हैं स्कूल के साथ ही अगर यहां पर म्यूजियम बना होता तो छात्रों को गांधीजी के जीवन के बारे में और भी कई चीजें जानने-सीखने को मिलतीं.

बीजेपी सरकार पर लग रहे राजनीति के आरोप
इस स्कूल को म्यूजियम में बदलने पर राज्य की बीजेपी सरकार पर राजनीति करने के आरोप लग रहे हैं. आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन्हें इस मामले को राजनीतिक रंग देने के आरोप लग रहे हैं. गौरतलब है कि गांधी के इसी स्कूल में म्यूजियम बनाकर गांधी जयंती 2 अक्तुबर के रोज आम जनता के लिये खोला जाएगा. गांधी से जुड़ाव रखने वाले व गांधीवादी लोग इस बात से नाराज हैं. वे मानते हैं कि म्यूजियम बनने से गांधीजी का स्कूल से नाता जाता रहेगा. यहां पढ़ने वाले छात्रों का भी गांधीजी से जुड़ाव खत्म हो जाएगा.

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