पिछले कुछ सालों के भीतर गुजरात के यात्राधाम बेट द्वारका में सरकारी और गोचर भूमि पर हुए गैरकानूनी निर्माण को हटाने की शुरुआत की गई. शनिवार सुबह से अवैध निर्माणों को हटाया जा रहा है. इस संबंध में जिला प्रशासन ने पहले ही अतिक्रमणकारियों को नोटिस दे दिया था और आज से देवभूमि द्वारका जिला प्रशासन और जिला पुलिस प्रमुख की मौजूदगी में अवैध निर्माणों को हटाया जा रहा.
इस ऑपरेशन में होमगार्ड कर्मियों और अन्य एजेंसियों के साथ लगभग 1,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को लगाया गया है. आज की कार्रवाई से पहले ही जिला प्रशासन ने बेट द्वारका जाने वाले सभी रास्तों को बंद करके आवाजाही को रोक दिया था और कहा कि बेट द्वारका आने वाले तीर्थयात्री भी आज दर्शन से वंचित रहेंगे.
इस पूरे मामले पर गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने 'X' पर पोस्ट करते हुए लिखा, ''बेट द्वारिका देशभर के करोड़ों लोगों की आस्था की भूमि है. कृष्ण भूमि में किसी भी अवैध अतिक्रमण को नहीं होने देंगे. हमारी आस्था और संस्कृति की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है.''
यात्राधाम द्वारका और बेट द्वारका क्षेत्र में व्यापक अतिक्रमण के संबंध में सर्वेक्षण और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद, बेट द्वारका के बालापार क्षेत्र में ऐसे अवैध अतिक्रमण को हटाने का काम आज से फिर से शुरू कर दिया गया है. ओखा मंडल में बेट द्वारका के पास बालापार में लगभग 250 अवैध निर्माणों को दो सप्ताह पहले नोटिस जारी किए जाने के बाद आज से उन्हें हटाना शुरू किया गया.
इससे पहले जिला पुलिस प्रमुख नितेश पांडे ने कहा कि 1000 पुलिसकर्मियों के अलावा समुद्री गश्त के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत रखी गई है. बेट द्वारका के बालापार क्षेत्र में अवैध मिट्टी के मकानों और व्यावसायिक संरचनाओं को भी हटाया जाएगा.
फिलहाल अगली सूचना तक बेट द्वारका में सभी प्राइवेट वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इस इलाके में किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पुलिस तंत्र द्वारा पूरी सावधानी बरती जा रही है और सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों की मदद से पैनी नजर रखी जा रही है.
बेट द्वारिका देश भर के करोड़ों लोगों की आस्था की भूमि है। कृष्ण भूमि में किसी भी अवैध अतिक्रमण को नहीं होने देंगे। हमारी आस्था और संस्कृति की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।
— Harsh Sanghavi (@sanghaviharsh)
Bhupendra Bhai Patel government in Gujarat has shown zero tolerance for illegal encroachment.