दिल्ली पुलिस की एक पूर्व महिला कांस्टेबल के लापता होने के दो साल बाद, पुलिस ने कथित तौर पर उसकी हत्या करने और उसके परिवार को यह विश्वास दिलाने के लिए कि वह जीवित है, तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. सुरेंद्र सिंह (42) जो वर्तमान में दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं का महिला के साथ विवाहेतर संबंध था और जब उसने उसकी मांगों को मानने से इनकार कर दिया तो उसने उसकी हत्या कर दी.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, उसके बहनोई रॉबिन (26) और राजपाल (33) ने अपराध को छिपाने में उसकी मदद की. अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने बुराड़ी के पुश्ता इलाके से पीड़िता के कंकाल के अवशेष बरामद किए और उन्हें डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए भेजा ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे महिला के हैं.
सब-इंस्पेक्टर पद पर चयन होने के बाद दिल्ली पुलिस से इस्तीफा
उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर पद पर चयन होने के बाद पीड़िता ने दिल्ली पुलिस से इस्तीफा दे दिया था. इस बीच वह यहां मुखर्जी नगर इलाके में पेइंग गेस्ट के रूप में रह रही थी. 28 वर्षीय महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट 20 अक्टूबर, 2021 को मुखर्जी नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी. उसके परिवार ने आरोप लगाया कि वह 8 सितंबर, 2021 से लापता थी. पुलिस के प्रयासों के बावजूद पूर्व महिला कांस्टेबल का पता नहीं चल सका.
स्पेशल सीपी (क्राइम) रवींद्र सिंह यादव ने कहा कि पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर, जिसे अपनी बेटी के अपहरण का संदेह था, 12 अप्रैल, 2023 को एफआईआर में अपहरण के आरोप जोड़े गए और दिल्ली पुलिस आयुक्त द्वारा मामले की गहन जांच का आदेश दिया गया.
पुलिस ने पहले राजपाल को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर रॉबिन को भी गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी सिंह को आखिरकार 30 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ के दौरान, सिंह ने पुलिस को बताया कि 8 सितंबर, 2021 को उसकी महिला के साथ तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद वह उसे बुराड़ी पुश्ता ले गया, जहां उसने पहले उसका गला घोंटा और फिर उसे पुश्ता के पास एक नाले में डुबो दिया.
यह दिखाने के लिए कि पीड़िता जीवित है, सिंह ने अपने बहनोई रॉबिन की मदद ली. रॉबिन अलग-अलग फोन नंबरों से पीड़ित परिवार को फोन करता था और अपनी पहचान अरविंद के रूप में बताता था. उन्होंने बताया कि उसने उस महिला से शादी कर ली है.
जांच को गुमराह करने के लिए, उसने पीड़िता के पहचान प्रमाणों की कॉपी पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर गिरा दीं. डीसीपी ने कहा, उन्होंने इन जगहों से महिला के माता-पिता को फोन किया और उन्हें बताया कि वे खुशी से रह रहे हैं.