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आफताब पर हमले को किया था नाकाम, सम्मानित हुए दिल्ली पुलिस के जवान

श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब की वैन पर सोमवार शाम को हमला हुआ था. कुछ लोगों ने तलवारे लेकर हमला करने की कोशिश की थी. लेकिन पुलिस की मुस्तैदी की वजह से कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई और तुरंत स्थिति को कंट्रोल कर लिया गया. अब उन पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया है. 2 सब इंस्पेक्टर को 10-10 हज़ार रुपये दिए हैं. 2 हेड कॉन्स्टेबल को 5-5 हज़ार रुपये रिवार्ड के रूप में देने की बात हुई है.

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श्रद्धा हत्याकांड
श्रद्धा हत्याकांड

श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब की वैन पर सोमवार शाम को हमला हुआ था. कुछ लोगों ने तलवारें लेकर हमला करने की कोशिश की थी. लेकिन पुलिस की मुस्तैदी की वजह से कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई और तुरंत स्थिति को कंट्रोल कर लिया गया. अब उन पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया है. 2 सब इंस्पेक्टर को 10-10 हज़ार रुपये दिए हैं. 2 हेड कॉन्स्टेबल को 5-5 हज़ार रुपये रिवार्ड के रूप में देने की बात हुई है.

क्यों किया गया सम्मानित?

अब ये सम्मान भी इन पुलिस कर्मियों को इसलिए दिया गया है क्योंकि इनमें किसी ने भी आफताब को बचाने के दौरान गोली का इस्तेमाल नहीं किया गया था. सभी के पास हथियार थे, लेकिन किसी ने भी उनका इस्तेमाल नहीं किया और सिर्फ अपनी सूझबूझ से आफताब को सुरक्षित बाहर निकाला. उनकी उसी बहादुरी की वजह से आफताब को तिहाड़ पहुंचाया जा सका. उसी को देखते हुए मंगलवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने उन सभी पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया.

आफताब के खिलाफ क्या थी साजिश?

जानकारी के लिए बता दें कि आरोपी आफताब सोमवार शाम को रोहिणी इलाके में एफएसएल दफ्तर से बाहर वैन में सवार होकर तिहाड़ जेल के लिए निकला था. तभी हमलावरों ने अपनी कार आगे खड़ी कर दी और तलवारें लेकर दौड़े. हमलावरों के पास 5 तलवारें थीं. ये पूरा घटनाक्रम 15 मिनट के अंदर हुआ. दिल्ली पुलिस को भी कुछ पल तक घटनाक्रम समझ में नहीं आया. आफताब को ले जा रहे पुलिसकर्मियों में से एक ने हमलावरों को काबू में करने के लिए बंदूक भी निकाली. पुलिस ने इस मामले में कुलदीप ठाकुर और निगम गुर्जर को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी हिंदू सेना के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं.

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अब पुलिस के जवानों को सम्मानित तो किया गया है, लेकिन आफताब की वैन पर हमले की कोशिश को गंभीरता से लिया गया है. इसी वजह से आफताब की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया गया है. जेल प्रशासन का कहना है कि जेल से बाहर ले जाने और वापस लाने की जिम्मेदारी थर्ड बटालियन की होती है. इसलिए थर्ड बटालियन ही आफताब की सुरक्षा बढ़ाने वाली है. 

पुलिस जांच कहां तक पहुंची?

इस मामले में पुलिस जांच की बात करें तो वो हथियार बरामद कर लिए गए हैं जिनके जरिए श्रद्धा के शव के कई टुकड़े किए गए थे. पुलिस को वो अंगूठी भी मिल गई है जो आफताब ने अपनी दूसरी गर्लफ्रेंड को गिफ्ट की थी. बड़ी बात ये रही कि उसने वो अंगूठी उस समय अपनी दूसरी गर्लफ्रेंड को दी, जब श्रद्धा का शव पहले से फ्रिज में पड़ा हुआ था. पुलिस ने उस दूसरी गर्लफ्रेंड का बयान भी ले लिया है. बाकी नॉर्को टेस्ट के जरिए आफताब से और कई खुलासे करवाने की कोशिश होने वाली है.

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