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G-20 की तैयारियों के बीच आतंकी संगठन SFJ की करतूत, दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों पर लिखे भारत विरोधी नारे

खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस की एक और देशविरोधी एक्टिविटी सामने आई है. SFJ से जुड़े लोगों ने दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशन की दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे हैं. इस घटना के बाद SFJ के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी कर अपना प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की है.

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सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारत विरोधी वीडियो जारी किया. (फोटो- वीडियो ग्रैब)
सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारत विरोधी वीडियो जारी किया. (फोटो- वीडियो ग्रैब)

जी-20 सम्मेलन से पहले दिल्ली में आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने भारत विरोधी एक्टिविटी को अंजाम दिया है. खालिस्तान समर्थकों ने दिल्ली के 8 मेट्रों स्टेशनों को निशाना बनाते हुए उनकी दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिख दिए हैं.

सिख फॉर जस्टिस (SFJ) से जुड़े लोगों ने मेट्रो स्टेशन की दीवारों पर खालिस्तान जिंदाबाद के साथ-साथ पंजाब भारत का हिस्सा नहीं है (Punjab Is Not India) और दिल्ली भारत का हिस्सा नहीं है. खालिस्तान समर्थकों ने शिवाजी पार्क, मादीपुर; पश्चिम विहार; उद्योग नगर; महाराजा सूरजमल स्टेडियम, गवर्नमेंट सर्वोदय बाल विद्यालय नांगलोई, पंजाबी बाग और नांगलोई मेट्रो स्टेशन पर यह नारे लिखे हैं. 

हालांकि, सूचना मिलने के बाद मेट्रो पुलिस मौके पर पहुंच गई है और सभी जगहों पर पुलिस भेजकर नारे मिटा दिए हैं. मेट्रो पुलिस का कहना है कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है. DCP मेट्रो के मुताबिक इस मामले में अब दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल भी एक्टिव हो गई है. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. घटना के बाद सिख फॉर जस्टिस के भगोड़े आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें कई मेट्रो स्टेशन की दीवारों पर नारे लिखे नजर आ रहे हैं.

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क्या है सिख फॉर जस्टिस संगठन?

अमेरिका में बने सिख फॉर जस्टिस की शुरुआत साल 2007 में हुई थी. इस संगठन का मुख्य एजेंडा पंजाब में अलग से खालिस्तान बनाने का है. अमेरिका में वकील और पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ले चुका गुरपतवंत सिंह पन्नू SFJ का चेहरा है, जो लगातार सुर्खियों में बना रहता है. गणतंत्र दिवस से पहले गुरपतवंत सिंह ने ही हिंसा को लेकर धमकी दी थी. सिख फॉर जस्टिस संगठन ने ही पिछले साल रेफरेंडम 2020 का आयोजन करने की कोशिश की थी, जिसमें दुनियाभर में सिखों से शामिल होने को कहा गया और खालिस्तान बनाने के कैंपेन को बढ़ावा देने की कोशिश की गई.

भारत में लगा है प्रतिबंध

साल 2019 में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सिख फॉर जस्टिस पर बैन लगाया गया और इस संगठन पर भारत में देशविरोधी कैंपेन चलाने का आरोप लगाया गया. UAPA एक्ट के तहत इस संगठन पर बैन लगा था. केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, सिख फॉर जस्टिस संगठन पंजाब में लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहा है. साथ ही दुनिया के कई स्थानों में खालिस्तान की मांग को लेकर प्रदर्शन किए गए जिससे भारत की छवि धूमिल हुई है.

कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नू?

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गुरपतवंत सिंह पन्नू पंजाब के खानकोट का रहने वाला है. उसने पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की है. इसके बाद वह विदेश चला गया था. तब से ही वह कनाडा और अमेरिका में रह रहा है. वह विदेश में रहकर ही खालिस्तानी मूवमेंट चला रहा है. इसमें उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की मदद मिलती है. उसने सिख फॉर जस्टिस संगठन का गठन किया है. पन्नू सोशल मीडिया पर लगातार अलगाववादी बातें करता है और भारत के खिलाफ जहर उगलता रहता है. 2019 में भारत सरकार ने सिख फॉर जस्टिस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था.

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