दिल्ली की एक अदालत ने 21 वर्षीय एक युवती से असभ्य आचरण करने के आरोप में एक युवक को एक साल जेल की सजा सुनाई है. पीडि़ता पत्रकारिता में स्नातक थी और एक गैर सरकारी संगठन के साथ मिलकर काम कर रही थी.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना ने उत्तर प्रदेश निवासी अभियुक्त विनय कुमार को एक साल की जेल की सजा सुनाई, जो एक महिला के अपहरण, हमले और उसकी शालीनता को अपमानित करने की मंशा वाली हरकतें करने के मामले में सुनवाई का सामना कर रहा था.
अदालत ने हालांकि 25 वर्षीय युवक विनय को अपहरण के आरोपों से इस आधार पर बरी कर दिया कि इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि उसने जबरन उसके अपहरण का प्रयास किया. विनय को युवती की शिकायत के आधार पर छह फरवरी 2013 को गिरफ्तार किया गया था.
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जब वह अपने कॉलेज के समीप से गुजर रही थी तो युवक ने उस पर हमले का प्रयास किया और कुछ नागवार हरकतें भी कीं. शिकायत में कहा गया है, मैंने अपने कॉलेज के बाहर फुटपाथ के समीप एक कार खड़ी देखी, जिसका बायां दरवाजा खुला हुआ था. ड्राइवर के पास वाली सीट पर एक युवक बैठा हुआ था और वह कार के बांए दरवाजे को बार बार बंद कर रहा था और खोल रहा था.
युवती ने अपनी लिखित शिकायत में कहा है कि जब मैं फुटपाथ पर जा रही थी और उसके समीप पहुंची तो देखा कि युवक ने अपनी पैंट की जिप खोल रखी थी और मुझे कार के भीतर आने को कह रहा था. वह मेरे सामने आया और यहां तक कि मुझे कार के भीतर खींचने का प्रयास किया.
विनय ने सुनवाई के दौरान खुद के निर्दोष होने का दावा किया और मामले से बरी किए जाने की अपील की. लेकिन दोषी ठहराए जाने के बाद उसने इस आधार पर नरमी बरते जाने की मांग की कि उसे अपनी पत्नी और छोटे बच्चे की देखभाल करनी है.