देश की राजधानी दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली चिड़ियाघर) में जल्द ही पर्यटकों को नए और दुर्लभ वन्यजीवों का दीदार करने का मौका मिलने वाला है. पटना और दिल्ली के चिड़ियाघरों के बीच चल रहे वाइल्डलाइफ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत कई खास प्रजातियों के जानवर दिल्ली पहुंच चुके हैं. इस पहल को वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन और बायोडायवर्सिटी के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है.
पटना से दिल्ली पहुंचे दुर्लभ वन्यजीव
सूत्रों के अनुसार, 11 अप्रैल को संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना चिड़ियाघर) से वन्यजीवों का एक दल सुरक्षित तरीके से दिल्ली लाया गया. इनमें...
भारतीय ग्रे भेड़िये: 2 नर और 2 मादा
1 बाघ
4 घड़ियाल
2 धामन सांप
2 कॉमन बार्न आउल
इन सभी जानवरों को फिलहाल क्वारंटाइन में रखा गया है, जहां विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की टीम उनकी सेहत और व्यवहार पर लगातार नजर बनाए हुए है.
क्वारंटाइन के बाद जानवरों को देख सकेंगे
दिल्ली चिड़ियाघर प्रशासन के मुताबिक, सभी जरूरी स्वास्थ्य जांच पूरी होने के बाद ही इन जानवरों को आम दर्शकों के लिए बाड़ों में छोड़ा जाएगा. उम्मीद है कि जल्द ही ये नए मेहमान चिड़ियाघर की रौनक बढ़ाते नजर आएंगे.
दिल्ली से पटना भी भेजे गए कुछ वन्यजीव
इस एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत 14 अप्रैल को दिल्ली चिड़ियाघर से भी कई दुर्लभ प्रजातियों के वन्यजीव पटना भेजे गए, जो सुरक्षित वहां पहुंच चुके हैं. इनमें...
संगाई हिरण: 2 नर और 4 मादा
1 मादा सफेद बाघ
4 पेंटेड स्टॉर्क
4 ग्रेट व्हाइट पेलिकन
1 दुर्लभ काला हिरण
इन जानवरों के ट्रांसपोर्ट के दौरान अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि लंबी यात्रा का उन पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े.
संरक्षण और जैव विविधता के लिए अहम
दिल्ली चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि यह पहल केवल जानवरों के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देना और दुर्लभ प्रजातियों के सुरक्षित प्रजनन को सुनिश्चित करना है. ऐसे कार्यक्रमों से आनुवंशिक विविधता बनी रहती है, जो दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण में सहायक होती है. नए वन्यजीवों के आने से दिल्ली चिड़ियाघर का आकर्षण और बढ़ने की उम्मीद है. खासकर बच्चों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह एक रोमांचक अनुभव होगा, जहां वे इन दुर्लभ प्रजातियों को करीब से देख सकेंगे.