मेदांता ने अमेरिका की कंपनी के साथ मिलकर अपने किस्म की पहली स्टेशन मॉनिटरिंग एंड रिकवरी टेक्नोलॉजी पेश करने की घोषणा की है. ये एक पल्स सीओ-ऑक्सीमीटर है. जो बिस्तर के साथ रखे मॉनिटर से मिलकर लगातार बगैर चीरफाड़ के निगरानी मुहैया कराता है. इससे मरीज को कहीं भी आने-जाने की आजादी रहती है.
एक निश्चित, डायनामिक, रियल टाइम आधार पर पहनने योग्य यह उपकरण मरीज की स्थिरता सुनिश्चित करता है. साथ ही तेज रिकवरी सुनिश्चित करने में सहायता करता है. इसमें मरीज को न्यूनतम समय बिस्तर पर रहना पड़ता है.
इसके अलावा इस टेक्नोलॉजी से सप्लीमेंट्री रिमोट मॉनिटरिंग और चिकित्सीय अधिसूचना प्रणाली भी संभव है, जिससे मरीज से संबंधित आंकड़े को दूर से मॉनिटर किया जा सकता है. इसके अलावा, मरीज जहां कहीं भी हो इससे अलार्म नोटिफिकेशन भेजी जा सकती है.
इस टेक्नोलॉजी से फर्जी अलार्म की संख्या में भारी कमी आती है. जिससे डॉक्टर्स के लिए मरीजों और अलार्म पर फोकस करना आसान होता है, जो कि बेहद आवश्यक है.
रेडियस 7 को अपनाए जाने की घोषणा करते हुए मेदांता के अध्यक्ष सह प्रबंधक निदेशक डॉक्टर नरेश त्रेहन ने कहा, ''मेदांता सर्वश्रेष्ठ संभव पेशेंट रिकवरी इकोसिस्टम का पालन करता है. जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुकूल है. अपने किस्म की अनूठी टेक्नोलॉजी इस मूल्य का आवश्यक पहलू है. रेडियस-7 को अपनाए जाने से मरीजों के इलाज के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता का पता चलता है.
जॉन कुंदन प्रेसिडेंट वर्ल्ड वाइड सेल्स मासिमो कॉरपोरेशन ने आगे कहा, "हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे प्रशंसित हेल्थ केयर ब्रांड में से एक, मेदांता के साथ जुड़कर बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं. मासिमो की टेक्नोलॉजी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी प्रभाव रहा है और हम भारत के प्रयासों के भाग होना चाहते हैं ताकि हेल्थ केयर को सुनिश्चित, बेहतर और आसान बनाया जा सकें.''
अध्ययन से पता चला है कि मरीज की रिकवरी को गति देने में मरीज की मोबिलिटी यानी चलने फिरने का मुख्य योगदान होता है. रेडियस 7 हल्का है और मरीज की बाहों में अटैच किया जा सकता है. इस तरह वह बगैर किसी बंधन के निगरानी में रह सकता है. वह चाहे तो बिस्तर पर रहे या नहीं.
इससे शारीरिक नर्सिंग सहायता की आवश्यकता कम हो जाती है. क्योंकि मरीज को बिस्तर के पास रखें मॉनिटर से बार-बार कनेक्ट या डिस्कनेक्ट करने की आवश्यकता नहीं रहती. यह उपकरण लगातार बगैर किसी चीर फाड़ के अहम प्राचलों पर निगरानी रखता है. इसके बाद डाटा सर्वर को भेजा जाता है जो केंद्रीय सिस्टम से संचार करता है, जहां डॉक्टर इन्हें देख सकते हैं. किसी भी प्राचलों में किसी गड़बड़ी की दशा में संबंधित नर्स को पेजर पर सूचना दी जाती है.