दिल्ली की राजनीति में घमासान तेज हो गया है. आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की भाजपा सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार पर तीखा हमला बोला है. शुक्रवार को ‘आप’ मुख्यालय पर दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, वरिष्ठ नेता व विधायक कुलदीप कुमार के साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार की एक साल की विफलताओं पर जमकर हमला बोला.
भाजपा सरकार के ‘एक साल, दिल्ली बेहाल, याद आ रहे केजरीवाल’ पोस्टर को प्रदर्शित कर मनीष सिसोदिया ने कहा कि एक साल पहले आज ही के दिन, 20 फरवरी 2025 को दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी थी. हम यह नहीं कह रहे कि एक साल में सब कुछ हो जाना चाहिए था या सब कुछ बदल जाना चाहिए था. लेकिन पिछले एक साल में दिल्ली के लोगों ने रेखा गुप्ता सरकार के कई फर्जीवाड़े देखे. एक तरह से पूरा एक साल दिल्ली के लोगों के साथ फर्जीवाड़े का रहा है.
मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा सरकार में नौकरी से निकाले गए एक लाख नौजवान घर में बैठ कर मातम मना रहे हैं, सड़कों में बने गड्ढे में गिर कर लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और सीएम रेखा गुप्ता अपने एक साल कार्यकाल के पूरे होने का जश्न मना रही हैं. उन्होंने कहा, 'रेखा गुप्ता सरकार ने एक साल में दिल्ली के सरकारी स्कूल, अस्पताल, जलापूर्ति समेत सारी जन सुविधाओं को बदहाल कर दिया. लिहाजा, अब दिल्ली की जनता को अरविंद केजरीवाल की याद आ रही है.'
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सिसोदिया ने आरोप लगाया गया कि जब दिल्ली का AQI खतरनाक स्तर पर पहुंचा तो कथित रूप से मॉनिटरिंग सेंटर के डेटा में हेरफेर कर सच्चाई छिपाने की कोशिश की गई.
मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा सरकार ने सबसे पहला फर्जीवाड़ा दिल्ली की आधी आबादी, यानी महिलाओं के साथ किया. चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की आधी आबादी को 2500 रुपए हर माह देने की गारंटी दी थी. पीएम ने गारंटी देते वक्त कहा था कि यह मोदी की गारंटी है. प्रधानमंत्री ने कहा था कि 8 मार्च 2025 से दिल्ली की महिलाओं के खातों में 2500 रुपए आने लगेंगे. यह बात प्रधानमंत्री ने चुनाव से पहले अपनी सारी रैलियों में बोली थी.
AAP ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने दिल्ली के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के साथ भी फर्जीवाड़ा किया. अरविंद केजरीवाल की सरकार के समय में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शानदार शिक्षा मिलने लगी थी. भाजपा ने सत्ता में आते ही सबसे पहले सरकारी स्कूलों का बजट कम कर दिया. उसके बाद केजरीवाल सरकार में बनाए गए शानदार ‘स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस’ (एसओई) को बंद कर दिया है.
प्रदूषण के मुद्दे पर भी सिसोदिया ने भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार के दौरान ऑड-ईवन, धूल नियंत्रण और मॉनिटरिंग जैसे प्रयोग किए जाते थे, लेकिन मौजूदा सरकार निष्क्रिय रही.
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सोशल मीडिया पर ट्रेंड
इसी बीच सोशल मीडिया पर #SufferingDelhiMissesKejriwal ट्रेंड कर रहा है. कई लोग बिजली-पानी राहत, मोहल्ला क्लीनिक और सरकारी स्कूलों के सुधार को याद कर रहे हैं. विपक्ष इसे जनता की आवाज बता रहा है, जबकि सरकार इसे राजनीतिक नैरेटिव करार दे रही है.
आम आदमी पार्टी का कहना है कि एक साल के भीतर व्यवस्था की प्राथमिकताएं बदल गईं हैं. कई जगहों से यह शिकायत सुनाई दे रही है कि मोहल्ला क्लीनिकों की रफ्तार धीमी पड़ी है. ट्रैफिक जाम की समस्या फिर चर्चा में है.