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ग्लैमरस अंदाज, ब्यूटी पार्लर और इंस्टाग्राम रील्स... कौन है खुशनुमा उर्फ नेहा, जो गैंगस्टर बॉबी कबूतर की बनी मददगार

इंस्टाग्राम पर रील्स... ब्यूटी पार्लर की चमक-दमक... और दूसरी तरफ जरायम की स्याह दुनिया. खुशनुमा उर्फ नेहा को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अरेस्ट किया है. वह कुख्यात शार्पशूटर बॉबी कबूतर की गर्लफ्रेंड है. पुलिस का दावा है कि फरारी के सालों में बॉबी की सबसे भरोसेमंद कड़ी वही थी. जानिये खुशनुमा उर्फ नेहा की पूरी कहानी...

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सोशल मीडिया पर रील्स बनाती थी खुशनुमा उर्फ नेहा. (Photo: Screengrab)
सोशल मीडिया पर रील्स बनाती थी खुशनुमा उर्फ नेहा. (Photo: Screengrab)

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुख्यात शार्पशूटर महफूज अली उर्फ बॉबी कबूतर को गिरफ्तार करने के साथ उसकी गर्लफ्रेंड खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को भी पकड़ लिया है. पुलिस के मुताबिक, खुशनुमा पिछले कई सालों से फरार चल रहे बॉबी की मदद कर रही थी और गैंग मेंबर्स के बीच संपर्क साधने की अहम कड़ी बनी हुई थी. लॉरेंस बिश्नोई-हाशिम बाबा गठजोड़ से जुड़े इस गैंग में महिलाओं की बढ़ती भूमिका ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है.

शार्पशूटर महफूज अली उर्फ बॉबी कबूतर के साथ दो अन्य पुरुष और एक महिला गिरफ्तार हुई है, यह महिला थी खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा, जो बॉबी कबूतर की गर्लफ्रेंड है. दरअसल, 45 वर्षीय महफूज अली उर्फ बॉबी कबूतर का नाम दिल्ली की अपराध फाइलों में करीब एक दशक से दर्ज था. पूर्वोत्तर दिल्ली के चौहान बांगर इलाके में कबूतर पालने के शौक के कारण उसे 'बॉबी कबूतर' कहा जाने लगा- और यही नाम बाद में गैंग की दुनिया में उसकी पहचान बन गया.

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पुलिस के मुताबिक, वह कम से कम छह हत्या मामलों में वांछित था. 16 दिसंबर 2025 को जाफराबाद में दो भाइयों- फजील और नदीम की हत्या के मामले में वह मुख्य शूटरों में शामिल था. स्कूटर सवार दोनों भाइयों पर 48 राउंड फायरिंग हुई, जिनमें से 35 गोलियां उन्हें लगीं. एक की मौके पर ही मौत हो गई, दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ा.

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जांच एजेंसियां उसे 2022 में पंजाबी सिंगर-रैपर सिद्धू मूसेवाली की हत्या से जुड़े घटनाक्रम में भी संदिग्ध मानती हैं. आरोप है कि उसने वारदात से पहले मूसेवाला की रेकी की थी. हथियारों की सप्लाई को लेकर भी उसकी भूमिका की जांच चल रही है.

ग्रेटर कैलाश में जिम मालिक नादिर शाह की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया. पुलिस का मानना है कि इन वारदातों के पीछे कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई और दिल्ली के गैंगस्टर हाशिम बाबा के नेटवर्क की भूमिका रही है.

गैंग में 'लेडी डॉन' की एंट्री

लेकिन इस कहानी का नया और चौंकाने वाला चेहरा है- खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा. सोशल मीडिया पर एक्टिव, ब्यूटी पार्लर चलाने वाली, वीडियो पोस्ट करने वाली एक सामान्य दिखने वाली युवती... पर पुलिस का दावा है कि पर्दे के पीछे वह गैंग की अहम कड़ी थी.

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पिछले सात साल से जब बॉबी कबूतर पुलिस से बचता फिर रहा था, तब उसकी मददगार बनी रही खुशनुमा. सूत्रों के मुताबिक, बॉबी के ठिकाने बदलने, कम्युनिकेट करने, गैंग मेंबर्स के बीच संपर्क रखने और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने में वह एक्टिव थी. गैंग के लिए महिलाओं का इस्तेमाल नया ट्रेंड माना जा रहा है. 

बीते मंगलवार की रात स्पेशल सेल को इनपुट मिला कि बॉबी कबूतर अपने साथियों के साथ महिपालपुर इलाके से गुजरने वाला है. जाल बिछाया गया. आधी रात के करीब गाड़ी रोकी गई. तलाशी में हथियार बरामद होने का दावा किया गया. सभी आरोपियों को आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार कर लिया गया.

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लॉरेंस-हाशिम गैंग का गठजोड़

दिल्ली में संगठित अपराध की तस्वीर बदलने में लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा का गठजोड़ अहम माना जाता है. वर्षों पहले राजधानी में नेटवर्क मजबूत करने के लिए दोनों ने हाथ मिलाया था. इसके बाद गैंगवार, टेरिटोरियल विवाद और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की घटनाएं बढ़ीं. बॉबी कबूतर को इसी नेटवर्क का सक्रिय शूटर बताया जा रहा है.

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सोशल मीडिया से क्राइम की दुनिया तक

खुशनुमा की इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर नजर डालें तो वहां ब्यूटी टिप्स, रील्स और ग्लैमरस तस्वीरें दिखती हैं. लेकिन पुलिस का दावा है कि यही प्रोफाइल कम्युनिकेशन का जरिया भी बनती थी.

बॉबी कबूतर का इलाका- चौहान बांगर... घनी गलियों और आपस में जुड़ी छतों के लिए जाना जाता है. पुलिस के मुताबिक, कई बार रेड के दौरान वह छतों के रास्ते भाग निकला. स्थानीय रिश्तेदारों और साथियों की मदद से वह सालों तक गिरफ्तारी से बचता रहा.

महिपालपुर की उस रात की गिरफ्तारी ने कई परतें खोल दी हैं. बॉबी कबूतर की कहानी तो पुरानी थी, लेकिन खुशनुमा उर्फ नेहा का नाम सामने आने से साफ है कि अपराध की दुनिया में चेहरे बदल रहे हैं- रणनीतियां भी.

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(एजेंसी के इनपुट के साथ)
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