scorecardresearch
 

ब्लैक फंगस से खराब हो चुके थे फेफड़े और किडनी, डॉक्टरों ने 6 घंटे की सर्जरी कर बचाई जान

रंजीत कुमार सिंह गाजियाबाद के रहने वाले हैं. उन्हें अप्रैल में कोरोना हुआ था. इलाज के बाद ठीक हो गए थे. उनके इलाज में करीब 15 लाख रुपए का खर्चा आया था. लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन होने लगीं. उन्हें तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. इसके बाद उन्हें सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया.

रंजीत कुमार सिंह गाजियाबाद के रहने वाले हैं रंजीत कुमार सिंह गाजियाबाद के रहने वाले हैं
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रंजीत को अप्रैल में हुआ था कोरोना
  • कोरोना के बाद हुआ ब्लैक फंगस

कोरोना महामारी के इस दौर में डॉक्टर भगवान साबित हुए हैं. डॉक्टरों ने ना सिर्फ रात दिन ड्यूटी की, बल्कि लाखों लोगों की जान भी बचाई. गाजियाबाद के रहने वाले रंजीत के लिए सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर किसी फरिश्ते से कम नहीं हैं. दरअसल, रंजीत को कोरोना के बाद ब्लैक फंगस (म्यूकोर्मिकोसिस) हो गया था. उनके फेफड़े और किडनी भी खराब हो गए थे. डॉक्टरों ने 6 घंटे तक चली सर्जरी में बाएं फेफड़े का एक हिस्सा और किडनी को निकालकर मरीज की जान बचा ली. 

रंजीत कुमार सिंह गाजियाबाद के रहने वाले हैं. उन्हें अप्रैल में कोरोना हुआ था. इलाज के बाद ठीक हो गए थे. उनके इलाज में करीब 15 लाख रुपए का खर्चा आया था. लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन होने लगीं. उन्हें तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. इसके बाद उन्हें सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया. 

रिपोर्ट देखकर परेशान रह गए डॉक्टर

रंजीत खतरनाक तरीके से ब्लैक फंगस की चपेट में आ गए थे. उनका बायां फेफड़ा और दायीं किडनी खराब हो गई थी. ऐसे में डॉक्टरों ने शरीर के बाकी हिस्सों को बचाने के लिए डैमेज हिस्सों को निकालने का फैसला किया. 6 घंटे चली सर्जरी के बाद रंजीत के बाएं फेफड़े के एक हिस्से और दायीं किडनी को निकाला गया. 
 
यह अपने तरह का पहला मामला

सर गंगा राम अस्पताल यूरोलॉजी विभाग में कंसल्टेंट डॉ. मनु गुप्ता ने बताया कि यह एक जटिल मामला था, इसमें ब्लैक फंगस फेफड़े और गुर्दे के हिस्सों में फैल गया था. इस मामले में मरीज को बचाने के लिए समय बहुत ही कम था, क्योंकि अन्य अंग प्रभावित हो रहे थे. गुर्दा काम नहीं कर रहा था. सर्जरी के दौरान यह पाया गया कि फंगस लगभग लिवर और बड़ी आंत में तेजी से फैल रहा है. ऐसे में ये सर्जरी कर क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटाया गया. उन्होंने बताया कि यह कोरोना संक्रमण के बाद, दुनिया में पहला मामला है. 

असल में रंजीत का केस अपनी तरह का पूरी दुनिया में अकेला और यूनिक है. किसी मरीज की किडनी, फेफड़ा और नेजल साइनस बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिसमें फेफड़े के एक हिस्से को और एक किडनी को पूरी तरह निकालना पड़ा हो और उसके बाद भी उसका जीवन सही सलामत है. डॉक्टर इसे चमत्कार बता रहे हैं. 
 

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें