सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव रहने वाली केजरीवाल सरकार अब अपने कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगा रही हैं. परिवहन विभाग के अधीन आने वाले दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने एक सर्कुलर निकालकर बीते दिनों ट्वीट करने वाले कई कर्मचारियों पर जांच बैठा दी है. सर्कुलर में ट्वीट करने वाले कर्मचारियों के ट्वीट का स्क्रीनशॉट लगाया गया है और इन पर पहचान कर कार्यवाही करने की बात कही गई.
डीटीसी के अस्थायी कर्मचारियों ने किए थे ट्वीट

मजदूर दिवस के दिन पर संविदा कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था, उस दौरान कई डीटीसी कर्मचारियों ने खुद को स्थायी करने और समान काम और समान वेतन की मांग को लेकर परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को टैग करते हुए ट्वीट किए थे, यह बात परिवहन विभाग के सीनियर अधिकारियों को हजम नहीं हुई.
उन्होंने ट्वीट करने वाले सभी कर्मचारियों का स्क्रीनशॉट लेकर परिवहन विभाग में जांच को भेज दिया है. कहा गया है कि इनको पहचान कर इन पर कार्रवाई की जाए.

आजतक के पास आदेश की कॉपी!
परिवहन विभाग ने ट्वीट करने पर पाबंदी लगाने के साथ ही एक और आदेश निकाला है. परिवहन विभाग ने कहा है कि अंदर की खबरें मीडिया में लीक हो रही है. ऐसे में आगे से कोई भी कर्मचारी मीडिया से बात नहीं करेगा.

दरअसल बीते कई समय से संविदा पर काम कर रहे हजारों डीटीसी कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं. इनकी मांग है कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने चुनाव के पहले इन्हें परमानेंट करने का भरोसा दिलाया था, जो अब 3 साल बाद भी पूरा ना हो सका.