scorecardresearch
 

मार्च पर अड़े JNU के 500 स्टूडेंट, आधी रात बवाल... हिरासत में 51 छात्र, 25 पुलिसकर्मी जख्मी

जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के प्रोटेस्ट के दौरान कैंपस गेट पर पुलिस और छात्रों में झड़प हुई. 51 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए हैं और 25 पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं. मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है.

Advertisement
X
जेएनयू में आधी रात बवाल (Photo: PTI)
जेएनयू में आधी रात बवाल (Photo: PTI)

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) के कैंपस गेट पर प्रोटेस्ट के दौरान हुई झड़प में पुलिस और स्टूडेंट्स के घायल होने की जानकारी सामने आई है. दोनों तरफ से मारपीट का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने बताया कि FIR दर्ज कर ली गई है.

दिल्ली पुलिस ने 51 छात्रों को हिरासत में लिया है. लगभग 25 पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें ACP वसंत कुंज वेद प्रकाश, ACP CAW संघमित्रा, SHO सरोजिनी नगर इंस्पेक्टर अतुल त्यागी और SHO किशनगढ़ इंस्पेक्टर अजय यादव शामिल हैं.

पुलिस के मुताबिक, UGC रेगुलेशन, JNUSU के पदाधिकारियों को निकालने और वाइस चांसलर शांतिश्री धुलीपुडी पंडित की बातों जैसे मुद्दों पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के तहत करीब 400-500 स्टूडेंट्स शिक्षा मंत्रालय तक 'लॉन्ग मार्च' के लिए कैंपस में इकट्ठा हुए थे.

मंत्रालय की तरफ जाने की थी तैयारी...

दोपहर करीब 3.20 बजे, प्रदर्शनकारी मेन गेट से बाहर निकले और मंत्रालय की ओर बढ़ने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें नॉर्थ गेट पर रोक दिया और कैंपस के अंदर वापस धकेल दिया.

एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने PTI को बताया, “जैसे-जैसे हालात बिगड़े, कैंपस के बाहर लगे बैरिकेड्स टूट गए. प्रदर्शनकारियों ने बैनर और डंडे फेंके, जूते फेंके और मारपीट की. झड़प के दौरान कुछ पुलिसवालों को दांत से काट लिया गया, जिससे मौके पर तैनात कई अधिकारियों को चोटें आईं.”

Advertisement

वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में BNS सेक्शन 221, 121(1), 132 और 3(5) के तहत FIR दर्ज की गई है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के काम में रुकावट डालने और उन पर हमला करने का आरोप है.

यह भी पढ़ें: JNU में Addmission फीस ₹5 और हॉस्टल की सिक्योरिटी ₹50

'छात्रों के आरोप बेबुनियाद...'

पुलिस ऑफिसर ने कहा, “हमने कुछ प्रोटेस्टर्स को हिरासत में लिया है. कुछ प्रोटेस्टर्स आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की, जो पूरी तरह से बेबुनियाद है. वहां तैनात हर एक ऑफिसर कानून-व्यवस्था बनाए रख रहा था.” पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए 51 प्रोटेस्टर्स में JNUSU प्रेसिडेंट अदिति मिश्रा और पूर्व प्रेसिडेंट नीतीश कुमार भी शामिल थे.

हालांकि, स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ बहुत ज़्यादा बल का इस्तेमाल किया गया और दावा किया कि महिलाओं समेत कई प्रोटेस्टर्स घायल हुए हैं. JNU टीचर्स एसोसिएशन ने इसे 'बल का बेरहमी से इस्तेमाल' बताया और चिंता जताई कि हिरासत में लिए गए कुछ स्टूडेंट्स को 'अनकन्फर्म्ड जगहों' पर ले जाया गया.

JNUSU ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान बी आर अंबेडकर की तस्वीर को नुकसान पहुंचाया गया. झड़प के वीडियो ऑनलाइन सर्कुलेट हुए. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement